ताजा खबर – The Bharat Patrika https://thebharatpatrika.com/category/latest-news/ Read Latest News, हिंदी समाचार, Today’s News and Breaking News on along with News updates from around the world. Tue, 26 Nov 2024 07:48:53 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.7.1 https://thebharatpatrika.com/wp-content/uploads/2024/12/cropped-WhatsApp_Image_2024-12-14_at_11.01.01_PM-removebg-preview-32x32.png ताजा खबर – The Bharat Patrika https://thebharatpatrika.com/category/latest-news/ 32 32 Bihar Smart Meters Protest : बिहार विधान परिषद की कार्यवाही में विपक्ष का हंगामा, स्मार्ट मीटर को लेकर प्रदर्शन जारी https://thebharatpatrika.com/2024/11/26/3534-nsiezi/ https://thebharatpatrika.com/2024/11/26/3534-nsiezi/#respond Tue, 26 Nov 2024 07:48:53 +0000 https://thebharat.net/?p=3534 बिहार में बिजली विभाग द्वारा लगाए जा रहे हैं, स्मार्ट मीटर (Bihar Smart Meters Protest) को लेकर इन राज्य की सियासत गर्म है. विपक्ष इस स्मार्ट मीटर को लेकर सरकार को घेरने में लगा हुआ है. विधान परिषद की कार्रवाई शुरू होने से पहले पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के नेतृत्व में विपक्ष दलों के विधान […]

The post Bihar Smart Meters Protest : बिहार विधान परिषद की कार्यवाही में विपक्ष का हंगामा, स्मार्ट मीटर को लेकर प्रदर्शन जारी appeared first on The Bharat Patrika.

]]>
बिहार में बिजली विभाग द्वारा लगाए जा रहे हैं, स्मार्ट मीटर (Bihar Smart Meters Protest) को लेकर इन राज्य की सियासत गर्म है. विपक्ष इस स्मार्ट मीटर को लेकर सरकार को घेरने में लगा हुआ है. विधान परिषद की कार्रवाई शुरू होने से पहले पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के नेतृत्व में विपक्ष दलों के विधान पार्षद नेताओं ने विधान परिषद पोट्रिको के बाहर प्रदर्शन किया.

स्मार्ट मीटर को लेकर विपक्षी दलों की तरफ से कहा जा रहा है यह स्मार्ट मीटर (Bihar Smart Meters Protest) राज में स्मार्ट घोटाला कर रहा है. इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए राबड़ी देवी ने कहा कि सरकार को स्मार्ट मीटर लगाना बंद करना चाहिए. इस स्मार्ट मीटर के जरिए प्राइवेट कंपनी राज्य के लोगों के साथ स्मार्ट घोटाला करने में लगी हुई है. साथ ही रोजगार को लेकर भी राबड़ी देवी ने कहा कि सरकार को बिहार के युवाओं को रोजगार देना चाहिए.

इथेनॉल भंडारण की कोई दिक्कत नहीं

परिषद में MLC नीरज कुमार ने सवाल किया कि प्रदेश में भंडारण क्षमता के अभाव में दक्षिण भारतीय राज्य में इथेनॉल भेज रहा है और अभी 15 करोड़ लीटर के आसपास इसका भंडारण हो पा रहा है. मंत्री नीरज कुमार ने कहा कि भंडारण की कोई दिक्कत नहीं है.

बिहार विधान परिषद में संजीव कुमार सिंह ने मांग रखी कि अलग-अलग प्रकार के दिव्यांगता जांच प्रमाण पत्र के लिए चिकित्सा बोर्ड जैसी सक्षम संस्थानों की संख्या लगभग 10 है. बिहार के विभिन्न हिस्सों में जांच की व्यवस्था करने की मांग की. इस पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा कि इस पर विचार किया जाएगा.


ये भी पढ़ें..

बेतिया राज की संपत्तियों को निहित करने वाला बिल

बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र (Bihar Vidhansabha Winter Session) का आज दूसरा दिन है. आज भी सदन में हंगामे के आसार हैं. वही सदन में सरकार आज दो बिल पेश करेगी.राज्य सरकार बेतिया राज की जमीन अधिग्रहण करने की तैयारी में हैं. इसको लेकर सरकार सदन में विधेयक पेश करेगी. भूमि सुधार विभाग के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल की ओर से बेतिया राज की संपत्तियों को निहित करने वाला बिल 2024 सदन के पटल पर रखेंगे.

बिल पारित होने के बाद बेतिया राज की 7960 करोड़ की जमीन बिहार सरकार के अधिकार में आ जाएगा. फिलहाल राज्य सरकार बेतिया राज की संपत्ति की देखरेख करती है. एडीएम रैंक के अधिकारी मैनेजर के तौर पर नियुक्त किए जाते हैं. जानकारी के मुताबिक, बेतिया राज की जमीन बिहार के पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी के अलावा उत्तर प्रदेश में भी हैं.

The post Bihar Smart Meters Protest : बिहार विधान परिषद की कार्यवाही में विपक्ष का हंगामा, स्मार्ट मीटर को लेकर प्रदर्शन जारी appeared first on The Bharat Patrika.

]]>
https://thebharatpatrika.com/2024/11/26/3534-nsiezi/feed/ 0
Babu Jagdev Prasad : बाबू जगदेव प्रसाद का वो भाषण, जिसको देते ही चल गई धाय धाय गोलियां https://thebharatpatrika.com/2024/09/04/3469-qvwvei/ https://thebharatpatrika.com/2024/09/04/3469-qvwvei/#respond Wed, 04 Sep 2024 14:56:21 +0000 https://thebharat.net/?p=3469 पटना, आज भी जब किसी वंचित तबके के लिए आवाज उठाने की बात होती है, तो अमर शहीद बाबु जगदेव प्रसाद (Babu Jagdev Prasad) का नाम पहले लिया जाता है. बाबू जगदेव (Babu Jagdev Prasad) भारत के बिहार प्रान्त में जन्मे एक क्रन्तिकारी राजनेता थे. बाद में इन्हें ‘भारत लेनिन’ के नाम से भी जाना […]

The post Babu Jagdev Prasad : बाबू जगदेव प्रसाद का वो भाषण, जिसको देते ही चल गई धाय धाय गोलियां appeared first on The Bharat Patrika.

]]>
पटना, आज भी जब किसी वंचित तबके के लिए आवाज उठाने की बात होती है, तो अमर शहीद बाबु जगदेव प्रसाद (Babu Jagdev Prasad) का नाम पहले लिया जाता है. बाबू जगदेव (Babu Jagdev Prasad) भारत के बिहार प्रान्त में जन्मे एक क्रन्तिकारी राजनेता थे. बाद में इन्हें ‘भारत लेनिन’ के नाम से भी जाना गया. ईन्होने एक बेहतर समाज को गढने में अपनी पूरी जी जान लगा दी थी.

जगदेव प्रसाद (Babu Jagdev Prasad) का जन्म 2 फरवरी 1922 को जहानाबाद के कुर्था प्रखंड कुरहारी गाँव में कोइरी समुदाय में हुआ था. इनके पिता प्रयाग नारायण पास के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक थे. और माता रासकली गृहणी थीं. अपने पिता के मार्गदर्शन में जगदेव ने मिडिल की परीक्षा पास की और हाईस्कूल के लिए जहानाबाद चले गए. 1946 में जगदेव बाबू ने मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण  की. निम्न मध्यमवर्गीय परिवार में पैदा होने के कारण जगदेव बाबू की प्रवृत्ति शुरू से ही संघर्षशील तथा जुझारू स्वाभाव की रही थी.


ये भी पढ़ें..


निम्न मध्यमवर्गीय परिवार में पैदा होने के कारण जगदेव बाबू की प्रवृत्ति शुरू से ही संघर्षशील तथा जुझारू स्वाभाव की रही थी. बिहार की सरजमी पर जाती व्यवस्था के नाम पर अगड़ी- पिछड़ी जातियों के जुल्म व अत्याचार के नाम पर भारत लेनिन जगदेव बाबू का आंदोलन काफी सराहनीय रहा.

बचपन से ही जुझारू प्रवृति के थे जगदेव बाबू

उन दिनों बिहार में पचकठिया प्रथा का प्रचलन था जिसके तहत जम्मींदार का महावत हाथी को लेकर पांच कठ्ठा फसल चराता था, एक बार क्षेत्रीय जमींदार का महावत हाथी लेकर जगदेव बाबू के खेत में धान की फसल चराने जाता है तब जगदेव बाबू अपने साथियों के साथ उसका विरोध करते है जिसके परिणाम स्वरूप महावत को वापस जाना पड़ता है.

उस व्यक्त आजादी का आंदोलन अपने चरम पर पर था. बिहार में रेल की पटरी उखाड़ने एवं सरकारी डाक बंगले को जलाने में स्वतंत्रता सेनानी पूरी मनोयोग से लगे रहते थे. जगदेव बाबू के स्वतन्त्रता आंदोलन में सहयोग के साथ ही शिक्षा ग्रहण करने की प्रबल इच्छा के बाबजूद परिवार की जिम्मेदारी होने से पढ़ने में दिक्कतें आ रही थी.

जब पढ़ाई के लिए पैसे नहीं थे

उच्च शिक्षा के लिए मां ने इनको 11 रुपया देकर पटना भेजा पढ़ने के लिए लेकिन, जगदेव बाबू (Babu Jagdev Prasad) उन पैसों से पढ़ नही सके. पटना के गांधी पार्क में बैठ कर सोच रहे थे कि तभी बी एन कालेज के माली से इनकी मुलाकात होती है और माली की सहायता से इनका नामांकन होता है. फिर भी आर्थिक संकट आड़े आ रही थी तो ट्यूसन पढ़ा कर एक चपरासी के क्वाटर के बरामदे में रह कर पढ़ाई करने लगे. बाद में चन्द्र देव प्रसाद वर्मा ने इनकी आर्थिक स्थिति को देखते हुए अपने कमरे में रखा.

जगदेव बाबू (Babu Jagdev Prasad) को कॉलेज में आते ही विभिन्न विचारकों को पढ़ने व जानने का अवसर मिला वही कई मौकों पर भाषण देने का अवसर भी मिला. इनका मन भाषण देने में लगने लगा और अपने ओजस्वी भाषण के दम पर पूरे कालेज में अपनी धाक जमाने में कामयाब रहे.

अफसर से विवाद के बाद छोड़ दी नौकरी  

1950 में स्नातक व 1952 में एम.ए अर्थशास्त्र से उत्तीर्ण हुए. उसके बाद सचिवालय में नौकरी कर ली. किंतु तीन महीने में ही अफसर से विवाद होने के बाद नौकरी छोड़ दी. उसके बाद परैया हाईस्कूल में अध्यापन का कार्य किया शिक्षक होने के साथ साथ सामाजिक गतिविधियों में भी भाग लेते रहे. इसी बीच इन्हें अवसर प्राप्त हुआ सोसलिस्ट पार्टी की पत्रिका जनता के संपादन का और यही पत्रिका के माध्यम से समाज को जागरूक करने में लग गए.

दुर्भाग्य रहा कि उसी वर्ष सोसलिस्ट पार्टी दो भागों में बट गई. जगदेव बाबू ने लोहिया का साथ दिया और इन्हें “जनता पार्टी ” से हटना पड़ा. अपनी सोच के चलते लोहिया के नेतृत्व वाली पार्टी के प्रांतीय सचिव बन गए और महंगाई और भ्रटाचार को लेकर पटना में आंदोलन किये जिसमें लाठी चार्ज में बाबू जगदेव को काफी चोट आई. 1955 में जगदेव बाबू हैदराबाद जाकर अंग्रेजी साप्ताहिक “सिटीजन” एव हिंदी साप्ताहिक “उदय” का संपादन करने लगे और पत्रिका के माध्यम से शोषितों और पिछड़ों की आवाज को उठाने लगे. इस दौरान उन्हे कई बार धमकियां मिली पर उसकी परवाह किये बिना अपने काम में लगे रहे.

चुनाव लड़े मगर पराजय हाथ लगी

1967 में सोसलिस्ट पार्टी से अलग हुई जनता पार्टी एक होकर चुनाव लड़े और जगदेव बाबू (Babu Jagdev Prasad) कुर्था विधानसभा से चुनाव जीत गए. इसके साथ ही बिहार की राजनीति में इनके दखल का दौर प्रारम्भ होता है. कांग्रेस के सहयोग से सरकार बनाने का अवसर प्राप्त होता है मगर कुछ परिस्थितियों के कारण सरकार नही बन पाती है. जगदेव बाबू मौके की ताक में लगे रहते है अंततोगत्वा इन्हें मौका मिल ही जाता हैं.

25 जनवरी 1968 को महामाया सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव में 13 मतों से सरकार गिर जाती है और इसके साथ ही 28 जनवरी को इनके नेतृत्व में सतीश प्रसाद मुख्यमंत्री बनते है. हालांकि जगदेव बाबू बिदेश्वरी प्रसाद मण्डल को मुख्यमंत्री बनाना चाहते थे लेकिन उनके पास किसी सदन की सदस्यता न होने के कारण उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया जा सका.

जगदेव बाबू जब कैबिनेट मंत्री बने

उसके बाद पहली बैठक में ही 1 फरवरी 1968 को विधान परिषद के सदस्य परमानन्द जी से इस्तीफा दिलाकर बिदेश्वरी प्रसाद मण्डल को विधान परिषद का सदस्य नियुक्त किया गया. ठीक उसके तीन दिन बाद ही सतीश प्रसाद को हटाकर वी पी मण्डल जी को मुख्यमंत्री बनाया जाता है. वही जगदेव बाबू दूसरे नंबर के मंत्री के रूप में कैबिनेट की शपथ लेते है. लेकिन फिर से 18 मार्च 1968 को यानी दो महीने बाद ही कांग्रेस के 13 विधायकों के बागी होने के कारण बी पी मण्डल की भी सरकार गिर जाती है.

लोहिया व जगदेव बाबू में वैचारिक मतभेद

33 सूत्रीय मांगों को लेकर लोहिया व जगदेव बाबू में वैचारिक मतभेद उत्तपन्न होते है. और जगदेव बाबू शोषित दल बनाते है. 22 मार्च को 1968 को भोला पासवान मुख्यमंत्री बनते है. तीन महीने बाद इनकी भी सरकार गिर जाती है. 9 फरवरी 1969 को बिहार में चुनाव हुआ और शोषित दल चुनाव लड़ता है और सिर्फ 6 सीटे ही जीत पाती है. शोषित दल, कांग्रेस, जनता पार्टी, क्रांति दल व अन्य के सहयोग से सरकार बनती है. और 26 फरवरी 1969 को सरदार हरिहर सिंह मुख्यमंत्री बनते है.

20 जून 1969 को हरिहर सिंह की सरकार भी गिर जाती है. 22 जून 1969 को भोला पासवान पुनः मुख्यमंत्री की शपथ लेते है. बिहार की राजनीति में अस्थिरता का दौर प्रारम्भ करने के साथ साथ अपने ओजस्वी नारो से बिहार की धरती पर भूचाल लाने वाले बाबू जगदेव प्रसाद (Jagdev Prasad) के नारे सूबे की राजनीति में गुजने लगते है.

जगदेव बाबु के नारे

  • पुनर्जन्म व भाग्यवाद..इनसे जन्म ब्राह्मणवाद..दस का शासन नब्बे पर…नहीं चलेगा नहीं चलेगा.
  • सौ में नब्बे शोषित है..शोषितों ने ललकारा है…धन धरती व राज पाट में…नब्बे भाग हमारा है.
  • अगले सावन भादो में…………..गोरी कलाई कादो में.
  • उची जाती की क्या पहचान.. गिट बिट बोले करे न काम… नीची जाति की क्या पहचान… करे काम पर सहे अपमान.
  • जो जमीन को जोते बोय.. वही जमीन का मालिक होय.
  • करे धोती वाला..खाय टोपी वाला.. नही चलेगा, नही चलेगा.

जगदेव बाबु का वो भाषण और चलने लगी गोलियां

वो कहते थे “जिस लड़ाई कि मैं शुरुआत कर रहा हूं वह सौ साल तक लंबी होगी, जिसमें आने वाली पहली पीढ़ी के लोग मारे जायेंगे, दूसरी पीढ़ी के लोग जेल जायेंगे और तीसरी पीढ़ी के लोग राज करेंगे, अन्तोगत्वा जीत हमारी ही होगी. इस ज्वलंत नारो के साथ हिस्सेदारी व भागेदारी की लड़ाई जगदेव बाबू लड़ते हुए, अगड़ी जातियों के लिए आतंक का पर्याय बन चुके थे. या यूं कहे अगड़ी जातियों के बीच उनका भय साफ दिख रहा था. 5 सितम्बर 1974 को सत्याग्रह आंदोलन लेकर निर्धारित योजना के अनुरूप करपी से 10 बजे कुर्था पहुचे. वहाँ पहले से मौजूद छात्र नौजवान, मजदूर, महिलाएं हाथ में काला झंडा लिए जगदेव बाबू के नारों को लगा रहे थे.

वहां उपस्थित डीएसपी ने इन्हें जाने से रोक इस पर इनकी काफी बहस हुई, परंतु जगदेव बाबू मंच पर गए और पुलिस ने लाठियां भांजनी शुरू कर दी. लोग तीतर बितर हो गए इतने में ही आर.पी.एफ (RPF) बुला ली गई. जगदेव बाबू अपने सैकड़ो समर्थकों के साथ मंच से बोल रहे थे. उसी समय एक जवान ने जगदेव बाबू को टारगेट कर गोली मारी, पहली गोली बगल से गुजर गई किंतु दूसरी गोली जगदेव बाबू के गले मे जाकर लगी और वो वही गिर गए मगर वह अभी भी जिंदा थे.

जगदेव बाबू की हत्या या साजिश

गोली लगने के बाद भी पुलिस उनको घसीटते हुए ट्रैक्टर पर लादती है और थाने लाती है, जगदेव बाबू पानी के लिए तड़पते रहते है किंतु पानी नहीं दिया जाता है. उनकी लाश को पुलिस प्रशासन गायब करने के फिराक में लग जाती है. किंतु बी पी मण्डल व भोला प्रसाद के प्रयास से उनकी लाश को पटना लाया जाता है. तब तक उनकी मृत्यु हो गई होती हैं.

6 सितम्बर को जगदेव बाबू (Babu Jagdev Prasad) के निर्जीव शरीर को बिधायक क्लब में जनता के दर्शनार्थ के लिए रखा गया और 7 सितम्बर को अंतिम संस्कार किया गया. उनकी शव यात्रा में उत्तर प्रदेश व बिहार के नामी गिरामी लोगों का तांता लगा रहा. गांधी मैदान में श्रद्धांजलि सभा होती है. और इस तरह पिछड़ों -शोषितों के मसीहा 5 सितम्बर को अपने शुभ चिंतकों को रोता बिलखता छोड़ कर चल जाते हैं.

The post Babu Jagdev Prasad : बाबू जगदेव प्रसाद का वो भाषण, जिसको देते ही चल गई धाय धाय गोलियां appeared first on The Bharat Patrika.

]]>
https://thebharatpatrika.com/2024/09/04/3469-qvwvei/feed/ 0
Bihar Teacher News : बिहार के 292144 शिक्षकों के लिए गुड न्यूज, शिक्षा विभाग ने खोला ‘वेतन वाला खजाना https://thebharatpatrika.com/2024/09/03/3460-zbsehd/ https://thebharatpatrika.com/2024/09/03/3460-zbsehd/#respond Tue, 03 Sep 2024 08:10:18 +0000 https://thebharat.net/?p=3460 बिहार में सीपीडी ट्रेनिंग पूरी करने वाले लगभग तीन लाख नियोजित शिक्षकों (Bihar Teacher News) के वेतन में बढ़ोतरी का रास्ता साफ हो गया है. शिक्षा विभाग के एसीएस एस सिद्धार्थ ने पहले इस ट्रेनिंग को पूरा नहीं करने वाले शिक्षकों के वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी थी. लेकिन अब राज्य शिक्षा शोध एवं […]

The post Bihar Teacher News : बिहार के 292144 शिक्षकों के लिए गुड न्यूज, शिक्षा विभाग ने खोला ‘वेतन वाला खजाना appeared first on The Bharat Patrika.

]]>
बिहार में सीपीडी ट्रेनिंग पूरी करने वाले लगभग तीन लाख नियोजित शिक्षकों (Bihar Teacher News) के वेतन में बढ़ोतरी का रास्ता साफ हो गया है. शिक्षा विभाग के एसीएस एस सिद्धार्थ ने पहले इस ट्रेनिंग को पूरा नहीं करने वाले शिक्षकों के वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी थी. लेकिन अब राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा ट्रेनिंग पूरी करने वाले शिक्षकों की सूची जारी करने के बाद इन शिक्षकों को वेतन वृद्धि का लाभ मिलने की उम्मीद है.


ये भी पढ़ें..

बिहार में 3.23 लाख नियोजित शिक्षक

बता दें कि प्रदेश में कुल 3.23 लाख नियोजित शिक्षक हैं, जिनमें से 2,92,144 ने सीपीडी ट्रेनिंग पूरी कर ली है. 31 हजार से अधिक शिक्षकों ने अभी तक यह ट्रेनिंग पूरी नहीं की है. शिक्षा विभाग ने पिछले साल जुलाई में शिक्षकों के व्यावसायिक विकास के लिए यह अनिवार्य प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया था.

एस सिद्धार्थ ने 11 जून को जारी किया था आदेश

शिक्षा विभाग के एसीएस एस सिद्धार्थ ने 11 जून को आदेश जारी कर कहा था कि जिन शिक्षकों ने प्रशिक्षण को पूरा नहीं किया है उनकी सालाना वेतन वृद्धि पर रोक रहेगी और वेतन बढ़ोतरी शिक्षकों के प्रशिक्षण लेने के बाद निर्धारित तिथि से दिया जाएगा. राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद ने 17 अगस्त को ट्रेनिंग पूरी करने वाले शिक्षकों की सूची जारी कर दी है. इसके बाद अब इन शिक्षकों (Bihar Teacher News) को वेतन वृद्धि का लाभ मिलने की उम्मीद है.

बीपीएससी से ढाई लाख शिक्षकों की बहाली

बिहार में बीपीएससी द्वारा आयोजित परीक्षा के दो चरणों में करीब ढाई लाख शिक्षकों की बहाली हो चुकी है. इसके साथ ही राज्य के प्रारंभिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्कूलों तक में लगभग 5.77 लाख शिक्षक पदस्थापित हैं. दो लाख से अधिक बीपीएससी शिक्षकों की नियुक्ति के बाद शिक्षक और छात्रों का अनुपात 351 हो गया है. इससे पहले यह अनुपात लगभग सौ अधिक था.

The post Bihar Teacher News : बिहार के 292144 शिक्षकों के लिए गुड न्यूज, शिक्षा विभाग ने खोला ‘वेतन वाला खजाना appeared first on The Bharat Patrika.

]]>
https://thebharatpatrika.com/2024/09/03/3460-zbsehd/feed/ 0
Mahogany Tree Farming : किसान का कमाल! यूट्यूब वीडियो से सीखा और फिर बंजर जमीन में लगा दिया, पैसों वाला पेड़ https://thebharatpatrika.com/2024/01/03/3023-wvlrzk/ https://thebharatpatrika.com/2024/01/03/3023-wvlrzk/#respond Wed, 03 Jan 2024 03:37:41 +0000 https://thebharat.net/?p=3023 Mahogany Tree Farming : सच्चे मन से किसी काम को करते हैं तो सफलता जरूर मिलती है. ऐसा ही एक किसान ने भी किया. राजस्थान जहां बारिश के अभाव के कारण किसान सूखे की समस्या का सामना करते हैं वहां के टांकला गांव के किसान लिखमाराम मेघवाल बंजर जमीन पर पैसे देने वाला पेड़ लगाया. […]

The post Mahogany Tree Farming : किसान का कमाल! यूट्यूब वीडियो से सीखा और फिर बंजर जमीन में लगा दिया, पैसों वाला पेड़ appeared first on The Bharat Patrika.

]]>
Mahogany Tree Farming : सच्चे मन से किसी काम को करते हैं तो सफलता जरूर मिलती है. ऐसा ही एक किसान ने भी किया. राजस्थान जहां बारिश के अभाव के कारण किसान सूखे की समस्या का सामना करते हैं वहां के टांकला गांव के किसान लिखमाराम मेघवाल बंजर जमीन पर पैसे देने वाला पेड़ लगाया. यह है महोगनी का पेड़ जिससे कई किसान करोड़ों की कमाई कर रहे हैं.

महोगनी का पेड़ बना देगा मालामाल

लॉकडाउन के समय जब कई लोग अपने घरों में बेरोजगार बैठे थे. तब बेरोजगारी के दौरान मेघवाल ने जैविक खेती के बारे में रिसर्च शुरू की. उन्होंने जानकारियां एकत्रित करना शुरू कर दिया. जिसके बाद महोगनी का पेड़ (Mahogany Tree Farming) लगाने का तय किया. लेकिन राजस्थान की बंजर जमीन में ये आसान नहीं था.


ये भी पढ़ें..

यूट्यूब ने आसान बनाया रास्ता

मेघवाल ने सबसे पहले महोगनी की खेती का तरीका यू ट्यूब से सीखा. इसके बाद उसकी देखभाल करने जैसी बारीकियों के बारे में भी जाना. सारी रिसर्च के बाद उन्होंने अपने खेत में महोगनी ने 100 पेड़ लगाए. जिनमें से 90 पेड़ खराब होने के कारण भारी नुकसान भी उठाना पड़ा. लेकिन इसके बाद भी मेघवाल ने हार नहीं मानी

कृषि विशेषज्ञों से जानकारी हासिल की और रिसर्च के आधार पर उन्होंने बचे हुए दस पेड़ों का ही अच्छे से ध्यान रखा. अभी वे पेड़ तीन साल के हुए हैं. वैसे तो महोगनी के पेड़ को अच्छे से बड़े होने में लगभग 12 साल लग जाता है. इसके बाद भी मेघवाल ने अपने खेतों में और पेड़ लगाए जिन्हें वे बड़ा कर रहे हैं.

क्यों कहते हैं पैसों वाला पेड़

महोगनी (Mahogany Tree Farming) के पेड़ से कई महंगी वस्तुएं जैसे राइफल, फर्नीचर, नाव, डेकोरेटिव आइटम, प्लाईवुड, मूर्तियां आदि बनाई जाती है. ये लकड़ियां जल्दी खराब नहीं होती इसलिए इनकी डिमांड और दाम दोनों ही ज्यादा रहते हैं. इस पेड़ को लगाने में ज्यादा पानी और बहुत ज्यादा देखरेख की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन इसके जरिये तगड़ी कमाई की जा सकती है. आजकल कई किसान महोगनी की खेती से करोड़ों की कमाई कर रहे हैं.

The post Mahogany Tree Farming : किसान का कमाल! यूट्यूब वीडियो से सीखा और फिर बंजर जमीन में लगा दिया, पैसों वाला पेड़ appeared first on The Bharat Patrika.

]]>
https://thebharatpatrika.com/2024/01/03/3023-wvlrzk/feed/ 0
आर्टिकल 370: सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुच्छेद 370 के फ़ैसले पर क्या बोला RSS https://thebharatpatrika.com/2023/12/11/2992-thqesi/ https://thebharatpatrika.com/2023/12/11/2992-thqesi/#respond Mon, 11 Dec 2023 15:31:18 +0000 https://thebharat.net/?p=2992 राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सोमवार को आर्टिकल 370 पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए फ़ैसले पर अपनी टिप्पणी दी है. आरएसएस ने एक्स अकाउंट पर लिखा है – “सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अनुच्छेद 370 समाप्त करने को वैधता प्रदान करना स्वागत योग्य है. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अनुच्छेद 370 समाप्त करने को वैधता प्रदान करना […]

The post आर्टिकल 370: सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुच्छेद 370 के फ़ैसले पर क्या बोला RSS appeared first on The Bharat Patrika.

]]>
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सोमवार को आर्टिकल 370 पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए फ़ैसले पर अपनी टिप्पणी दी है. आरएसएस ने एक्स अकाउंट पर लिखा है – “सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अनुच्छेद 370 समाप्त करने को वैधता प्रदान करना स्वागत योग्य है.

आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर की ओर से लिखा गया है कि “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इस निर्णय का स्वागत करता है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रारंभ से ही अनुच्छेद 370 का विरोध करता रहा है और संघ ने इस विषय पर कई प्रस्ताव भी पारित किए है तथा समस्त आंदोलनों में सहभाग किया है. यह निर्णय राष्ट्रीय एकता को मजूबत करेगा. आर्टिकल 370 के कारण जम्मू-कश्मीर में वर्षों से अन्याय सह रहे लोगों को इस निर्णय से मुक्ति मिली है.

ये भी पढ़ें: अनुच्छेद 370 हटाने पर सुप्रीम कोर्ट की लगी मुहर, जाने फ़ैसले पर किसने क्या कहा?

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पाँच जजों की बेंच ने सर्वसम्मति से (Article 370) अनुच्छेद 370 (जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा) को हटाना वैध माना है. इस फ़ैसले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक बताया है. उन्होंने कहा कि पाँच अगस्त 2019 को भारत की संसद के लिए फ़ैसले को संवैधानिक तौर पर स्वीकृति मिली है.

पीएम मोदी ने कहा

कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों के सपनों को पूरा करने की प्रतिबद्धता अटूट रहेगी. उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि प्रगति का फल सिर्फ़ जम्मू-कश्मीर के लोगों तक पहुंचे नहीं बल्कि इसका लाभ भी हाशिए के उन लोगों तक पहुंचे जिन्होंने अनुच्छेद 370 (Article 370) की वजह से काफ़ी कुछ झेला है.

The post आर्टिकल 370: सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुच्छेद 370 के फ़ैसले पर क्या बोला RSS appeared first on The Bharat Patrika.

]]>
https://thebharatpatrika.com/2023/12/11/2992-thqesi/feed/ 0
Article 370: अनुच्छेद 370 हटाने पर सुप्रीम कोर्ट की लगी मुहर, जाने फ़ैसले पर किसने क्या कहा? https://thebharatpatrika.com/2023/12/11/2989-cqqdcw/ https://thebharatpatrika.com/2023/12/11/2989-cqqdcw/#respond Mon, 11 Dec 2023 15:12:26 +0000 https://thebharat.net/?p=2989 सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पाँच जजों की बेंच ने सर्वसम्मति से (Article 370) अनुच्छेद 370 (जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा) को हटाना वैध माना है. इस फ़ैसले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक बताया है. उन्होंने कहा कि पाँच अगस्त 2019 को भारत की संसद के लिए फ़ैसले को संवैधानिक […]

The post Article 370: अनुच्छेद 370 हटाने पर सुप्रीम कोर्ट की लगी मुहर, जाने फ़ैसले पर किसने क्या कहा? appeared first on The Bharat Patrika.

]]>

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पाँच जजों की बेंच ने सर्वसम्मति से (Article 370) अनुच्छेद 370 (जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा) को हटाना वैध माना है. इस फ़ैसले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक बताया है. उन्होंने कहा कि पाँच अगस्त 2019 को भारत की संसद के लिए फ़ैसले को संवैधानिक तौर पर स्वीकृति मिली है.

पीएम मोदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों के सपनों को पूरा करने की प्रतिबद्धता अटूट रहेगी. उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि प्रगति का फल सिर्फ़ जम्मू-कश्मीर के लोगों तक पहुंचे नहीं बल्कि इसका लाभ भी हाशिए के उन लोगों तक पहुंचे जिन्होंने अनुच्छेद 370 (Article 370) की वजह से काफ़ी कुछ झेला है.

ये भी पढ़ें: नीतीश कुमार की राजनीति का अंतिम दौर, प्रशांत किशोर ने कहा- लोकसभा चुनाव के बाद कहानी खत्म हो जाएगी!

पाँच अगस्त 2019 को केंद्र की बीजेपी सरकार ने जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी करते हुए इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में बाँट दिया था. सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को अपना फ़ैसला सुनाते हुए कहा कि 370 एक अस्थायी प्रावधान था और राष्ट्रपति के पास इसे हटाने की शक्ति थी. अदालत ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पास बाक़ी राज्यों से अलग कोई संप्रभुता नहीं है.

सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्लाह ने कहा है कि वह निराश हैं. वहीं महबूबा मुफ़्ती ने इसे आइडिया ऑफ़ इंडिया की हार बताया है. कांग्रेस नेता और जम्मू-कश्मीर के राजा रहे हरि सिंह के बेटे कर्ण सिंह ने इस फ़ैसले का स्वागत किया है.

आइडिया ऑफ़ इंडिया की सज़ा-ए-मौत

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला ‘आइडिया ऑफ़ इंडिया’ की हार है. मुफ़्ती ने कहा कि ये गांधी के उस भारत की भी हार है जिसे पाकिस्तान को दरकिनार कर जम्मू-कश्मीर के लोगों ने चुना था.

सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद वीडियो बयान जारी कर मुफ़्ती ने कहा- “जम्मू-कश्मीर के लोगों से कहना चाहती हूं हिम्मत मत छोड़ो. सुप्रीम कोर्ट का आज का फ़ैसला एक पड़ाव है मंज़िल नहीं है. हमारे विरोधी चाहते हैं कि हम उम्मीद छोड़ दें लेकिन ऐसा नहीं होगा. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आर्टिकल 370 अस्थायी है, ये हमारी नहीं भारत के तसव्वुर की हार है.”

“यहां के मुसलमानों ने जिस तरह पाकिस्तान को दरकिनार करके यहां के पंजाबी, हिंदी, सिख, बौद्ध और गांधी के भारत के साथ हाथ मिलाया आज ये उस आइडिया ऑफ़ इंडिया की हार है.”

मुफ़्ती ने वीडियो में कहा, “जिस तरह सुप्रीम कोर्ट ने भारत सरकार के संसद में किए गए गैर कानूनी काम को सही ठहराया है वो आइडिया ऑफ़ इंडिया की सज़ा-ए-मौत से कम नहीं है. 1947 के बाद जब संविधान बना तो जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा मिला. लेकिन 70 साल बाद एक ऐसी सरकार आई जो हमेशा ये रट लगाए रहती थी कि सत्ता में आए तो आर्टिकल 370 (Article 370) हटा देंगे और उन्होंने वो कर दिया. ये हमारी हार नहीं है. धोखा उन्होंने किया. उन्होंने जम्मू कश्मीर में उन ताकतों को मज़बूक किया जो कहती थी कि भारत के साथ जाना गलत है.

ओवैसी बोले- फ़ैसले से ख़ुश नहीं

एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि वो सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले से खुश नहीं है.

उन्होंने कहा, “इसमें कोई दोराय नहीं कि कश्मीर हमेशा से भारत का अटूट हिस्सा है. लेकिन अटूट रिश्ता जब हम कहते हैं तो उसका यूनियन से जो रिश्ता है, उसे तो खारिज नहीं किया जा सकता. अब ये कोर्ट से वैध हो चुका है, तो कल को बीजेपी को चेन्नई, कोलकाता और हैदराबाद और मुंबई को केंद्र शासित प्रदेश बनान से कोई नहीं रोक सकेगा. इसका नुकसान सबसे ज़्यादा भविष्य में डोगरा और लद्दाख के बुद्धिस्ट को होगा.

सत्तापक्ष के लोगों ने फ़ैसले पर क्या कहा?

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ट्वीट के आख़िर में कहा है कि ये फ़ैसला सिर्फ़ कानूनी आदेश नहीं बल्कि ये उम्मीद की किरण है.

सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पीएम मोदी ने लिखा, अनुच्छेद 370 (Article 370) को निरस्त करने पर आज आया सुप्रीम कोर्ट का फैसला ऐतिहासिक है. कोर्ट ने पाँच अगस्त 2019 को भारत की संसद से लिए गए फ़ैसले को संवैधानिक रूप से बरकरार रखा है. यह जम्मू, कश्मीर और लद्दाख में हमारी बहनों और भाइयों के लिए आशा, प्रगति और एकता की एक शानदार घोषणा है.”

उन्होंने कहा, “कोर्ट ने अपने गहन ज्ञान से एकता के उस सार को मज़बूत किया है, जिसे हम भारतीय होने के नाते सबसे ऊपर रखते हैं.

मैं जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि आपके सपनों को पूरा करने के लिए हमारी प्रतिबद्धता अटूट है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आर्टिकल 370 पर सुप्रीम कोर्ट के सोमवार को आए फ़ैसले का स्वागत करते हुए कहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेश से साबित हो गया है कि आर्टिकल 370 को हटाने का फ़ैसला पूरी तरह संवैधानिक था.

सोशल प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर अमित शाह ने लिखा,

सुप्रीम कोर्ट ने आर्टिकल 370 को हटाने के फ़ैसले को बरक़रार रखा है, मैं इसका स्वागत करता हूं.

उन्होंने कहा, 5 अगस्त 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्टिकल 370 को हटाने का दूरदर्शी फ़ैसला किया. तब से जम्मू कश्मीर में शांति और सामान्य स्थिति बहाल हुई है. गृह मंत्री शाह ने कहा, “कभी हिंसा से बदहाल रही घाटी में तरक्क़ी और विकास ने इंसानी ज़िंदगी को नए मायने दिए हैं. पर्यटन और कृषि के क्षेत्र में समृद्धि आई है, जिससे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों की आय का स्तर बढ़ा है.

वहीं बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का स्वागत किया है. सोशल प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर जेपी नड्डा ने लिखा, माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा धारा 370 के विषय में दिये गए फ़ैसले का भारतीय जनता पार्टी स्वागत करती है. उच्चतम न्यायालय की संवैधानिक पीठ ने धारा 370 और 35ए को हटाने के लिए दिए गये निर्णय, उसकी प्रक्रिया और उद्देश्य को सही ठहराया है.

The post Article 370: अनुच्छेद 370 हटाने पर सुप्रीम कोर्ट की लगी मुहर, जाने फ़ैसले पर किसने क्या कहा? appeared first on The Bharat Patrika.

]]>
https://thebharatpatrika.com/2023/12/11/2989-cqqdcw/feed/ 0
Bihar Teacher News: बिहार में बीएड पास 20 हजार टीचरो की जाएगी नौकरी, हाईकोर्ट ने रद्द की एक से पांचवीं तक के शिक्षकों की नियुक्ति https://thebharatpatrika.com/2023/12/06/2974-slsyrm/ https://thebharatpatrika.com/2023/12/06/2974-slsyrm/#respond Wed, 06 Dec 2023 12:43:13 +0000 https://thebharat.net/?p=2974 बिहार में बीएड पास 20 हजार से अधिक नियोजित शिक्षकों (Bihar Teacher News) को पटना हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. हाईकोर्ट ने क्लास 1 से 5वीं के नियोजित बीएड पास शिक्षकों को अयोग्य बताया है. इनकी नियुक्ति छठे चरण के तहत की गई थी. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने […]

The post Bihar Teacher News: बिहार में बीएड पास 20 हजार टीचरो की जाएगी नौकरी, हाईकोर्ट ने रद्द की एक से पांचवीं तक के शिक्षकों की नियुक्ति appeared first on The Bharat Patrika.

]]>
बिहार में बीएड पास 20 हजार से अधिक नियोजित शिक्षकों (Bihar Teacher News) को पटना हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. हाईकोर्ट ने क्लास 1 से 5वीं के नियोजित बीएड पास शिक्षकों को अयोग्य बताया है. इनकी नियुक्ति छठे चरण के तहत की गई थी. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने ये फैसला सुनाया है.

चीफ जस्टिस की बेंच ने कहा, ‘हम संविधान के अनुच्छेद 141 के तहत सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से बंधे हैं. राज्य को भी इसका पालन करना होगा. सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की पीठ क्लास एक से पांच तक की शिक्षक नियुक्ति के संबंध में स्पष्ट फैसला सुना चुकी है. ऐसे में बीएड उम्मीदवारों को प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों के रूप में नियुक्ति के लिए पात्र नहीं माना जा सकता है.

ये भी पढ़ें: सरकारी स्कूलों में परीक्षा के नियम बदले, IAS के.के पाठक ने जारी किया वार्षिक परीक्षा का कैलेंडर

याचिकर्ताओं की ओर से पैरवी कर रहे वकील दीनू ने बताया कि कोर्ट ने आदेश में कहा है कि सरकार ने छठे चरण में क्लास एक से पांच तक के शिक्षकों की नियुक्ति में बीएड पास उम्मीदवारों की जो नियुक्ति की है, उसे रद्द करना होगा. उन नियुक्तियों को फिर से भरना होगा. फैसले में यह भी कहा गया है कि राज्य सरकार को एनसीटीई की साल 2010 की मूल अधिसूचना के अनुसार योग्य उम्मीदवारों को ही नियुक्त करना होगा. राज्य सरकार ये भी निर्णय लेगी कि कितने पद रिक्त हो रहे हैं और उन पदों पर रिक्तियों को कैसे भरा जाना है.

छठे चरण में ऐसे हुई थी नियुक्ति

दरअसल, बिहार में छठे चरण की शिक्षक नियुक्ति (Bihar Teacher News) 2021 में गई थी. नगर निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत बेस पर ये नियुक्ति की गई थीं. इस दौरान कई लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बीएड पास अभ्यर्थियों को प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक के पद पर नियुक्ति पर रोक लगाने की मांग की थी. हालांकि राज्य सरकार ने एनसीटीई की 2018 की एक अधिसूचना का हवाला देते हुए कहा था कि एनसीटीई ने बीएड पास अभ्यर्थियों को क्लास एक से पांच तक के शिक्षक पद पर नियुक्ति की मंजूरी दे दी है. तब 2021 में हाईकोर्ट की बेंच ने राज्य सरकार को नियुक्ति प्रक्रिया जारी रखने की इजाजत दे दी थी, लेकिन मामले की सुनवाई कोर्ट में चलती रही. बुधवार को मामले पर हाईकोर्ट का यह फैसला आया है.

अब जानिए हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के किस आदेश को बनाया आधार

नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) ने 28 जून, 2018 में एक गजट (नोटिफिकेशन) जारी किया था. इसमें बीएड उम्‍मीदवारों को प्राइमरी एजुकेशन (कक्षा 1 से 5 तक) पढ़ाने के लिए योग्य करार दिया था. लेकिन राजस्थान सरकार ने इस नोटिस के खिलाफ केवल D.El.Ed या BTC वालों को भर्ती के लिए योग्‍य माना.

इसके खिलाफ B.Ed. के अभ्यर्थियों ने राजस्थान हाईकोर्ट में अपील की. उनका कहना था कि अन्य राज्य NCTE के नॉर्म्स को तहत B.Ed. के अभ्यर्थियों को प्राइमरी शिक्षक के पदों पर बहाली दे रहे हैं, लेकिन राजस्थान सरकार उन्‍हें नौकरी नहीं दे रही. हाई कोर्ट ने सुनवाई के बाद 25 नवंबर, 2021 को NCTE के नोटिफिकेशन को खारिज कर दिया और BTC और D.El.ED अभ्यर्थियों के हक में फैसला सुनाया था.

इसके बाद राजस्थान के B.Ed. अभ्यार्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई थी. 11 अगस्त, 2023 सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस अनिरुद्ध बोस की बेंच ने भी साल 2018 के NCTE नोटिफिकेशन को खारिज कर दिया. कोर्ट का कहना था कि B.Ed. धारकों में कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को पढ़ाने के लिए जरूरी स्किल्स और अप्रोच नहीं है. फिर सभी स्टेट में यह आदेश लागू हो गया.

अब आगे क्या- सरकार समायोजित कर सकती है

पटना हाईकोर्ट के एडवोकेट अरुण कुमार पांडे के बताया कि पटना उच्च न्यायालय ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर फैसला दिया है. ऐसे में नियोजित शिक्षक और बिहार सरकार के पास सुप्रीम कोर्ट जाने का रास्ता नहीं दिख रहा. बिहार सरकार के पास एक रास्ता है. इन शिक्षकों के समायोजन का. उच्च माध्यमिक विद्यालय में समायोजन का रास्ता बचता है, क्योंकि राज्य सरकार ने शिक्षक बहाली की है.

The post Bihar Teacher News: बिहार में बीएड पास 20 हजार टीचरो की जाएगी नौकरी, हाईकोर्ट ने रद्द की एक से पांचवीं तक के शिक्षकों की नियुक्ति appeared first on The Bharat Patrika.

]]>
https://thebharatpatrika.com/2023/12/06/2974-slsyrm/feed/ 0
Bihar News: सरकारी स्कूलों में परीक्षा के नियम बदले, IAS के.के पाठक ने जारी किया वार्षिक परीक्षा का कैलेंडर https://thebharatpatrika.com/2023/12/06/2971-tvmzfu/ https://thebharatpatrika.com/2023/12/06/2971-tvmzfu/#respond Wed, 06 Dec 2023 12:14:46 +0000 https://thebharat.net/?p=2971 बिहार (Bihar News) शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के.के पाठक ने सरकारी स्कूलों का वार्षिक परीक्षा कैलेंडर-2024 जारी किया है. के.के पाठक ने सभी राजकीय राजकृत प्रारंभिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय के लिए कैलेंडर जारी किया है. हर महीने मंथली एग्जाम लिए जाएंगे. 10वीं की प्रैक्टिकल परीक्षाएं 18 से 20 जनवरी के बीच […]

The post Bihar News: सरकारी स्कूलों में परीक्षा के नियम बदले, IAS के.के पाठक ने जारी किया वार्षिक परीक्षा का कैलेंडर appeared first on The Bharat Patrika.

]]>
बिहार (Bihar News) शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के.के पाठक ने सरकारी स्कूलों का वार्षिक परीक्षा कैलेंडर-2024 जारी किया है. के.के पाठक ने सभी राजकीय राजकृत प्रारंभिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय के लिए कैलेंडर जारी किया है. हर महीने मंथली एग्जाम लिए जाएंगे.

10वीं की प्रैक्टिकल परीक्षाएं 18 से 20 जनवरी के बीच ली जाएगी

जारी कैलेंडर के मुताबिक साल 2024 में 12वीं के प्रैक्टिकल एग्जाम 10 जनवरी से 20 जनवरी के बीच होंगे. 10वीं की प्रैक्टिकल परीक्षाएं 18 से 20 जनवरी के बीच ली जाएगी. 9वीं क्लास के मंथली एग्जाम 22 से 25 जनवरी के बीच होगी. क्लास 1 से 8 तक मंथली एग्जाम जनवरी के 29 और 30 तारीख को ली जाएगी.

12वीं क्लास की परीक्षाएं 25 जनवरी तक चलेगी. जबकि, बोर्ड की वार्षिक परीक्षा 1 फरवरी से 12 फरवरी तक लिए जाएंगे. 10वीं बोर्ड की परीक्षा 15 फरवरी से 23 फरवरी के बीच करने का फैसला लिया गया है. 8 फरवरी तक 10वी क्लास के बच्चे स्कूल आएंगे.

5वीं और 8वीं की वार्षिक परीक्षाएं भी आयोजित की जाएगी

वर्ग 1 से 8 तक मासिक परीक्षा फरवरी के 27 और 28 तारीख को ली जाएगी. 13 से 20 मार्च के बीच 11वीं क्लास की वार्षिक परीक्षा ली जाएगी. 14 मार्च तक नौवीं कक्षा का क्लास चलेगा. वर्ग 8 और 5 का संचालन 15 मार्च 2024 तक किया जाएगा. 16 से 20 मार्च के बीच 9वीं के वार्षिक परीक्षा ली जाएगी. इसी दौरान 5वीं और 8वीं की वार्षिक परीक्षाएं भी आयोजित की जाएगी.

ये भी पढ़ें: जयपुर की 19 सीटों में से 12 सीटें भाजपा के खाते में, जाने किस सीट पर कॉंग्रेस 71,368 वोटों से हार गई!

वित्तीय वर्ष 2024 के लिए 1 अप्रैल से नए सत्र की शुरुआत हो जाएगी, जबकि 9वीं क्लास में एडमिशन 14 अप्रैल तक लिए जाएंगे. परीक्षा में फेल होने वाले बच्चों के लिए 1 से 25 अप्रैल के बीच में विशेष क्लास और विशेष परीक्षा का आयोजन किया जाएगा. 1 में से 16 अप्रैल के बीच 11वीं क्लास में नामांकन की प्रक्रिया चलेगी. जबकि 16 अप्रैल से 11वीं क्लास की पढ़ाई शुरू हो जाएगी.

9वीं और 10वीं की मासिक परीक्षा 24 से 28 अप्रैल के बीच लिए जाएंगे. जबकि वर्ग एक से आठ तक मई महीने की मासिक परीक्षा 28 से 29 के बीच लिए होगी. वही बिहार सरकार ने (Bihar News) क्लास 11वीं और 12वीं के मंथली एग्जाम 21 से 29 जून के बीच लेने का फैसला लिया है.

The post Bihar News: सरकारी स्कूलों में परीक्षा के नियम बदले, IAS के.के पाठक ने जारी किया वार्षिक परीक्षा का कैलेंडर appeared first on The Bharat Patrika.

]]>
https://thebharatpatrika.com/2023/12/06/2971-tvmzfu/feed/ 0
Pan Card: अब घर बैठे पैन कार्ड के लिए करें ऑनलाइन आवेदन, जानिए पूरा प्रोसेस https://thebharatpatrika.com/2023/11/05/2924-thtday/ https://thebharatpatrika.com/2023/11/05/2924-thtday/#respond Sun, 05 Nov 2023 07:03:05 +0000 https://thebharat.net/?p=2924 आज के वक्त में बैंक खाता खोलने से लेकर आदि की जानकारी के लिए भी पैन कार्ड (Pan Card) का उपयोग किया जाता है. पैन कार्ड हर किसी नागरिक के लिए बेहद ही उपयोगी होता है. सरकार पैन कार्ड के जरिए आपकी इनकम से लेकर आय-व्‍यय से जुड़े सभी ब्‍योरों पर नजर रखती है. अधिकतर […]

The post Pan Card: अब घर बैठे पैन कार्ड के लिए करें ऑनलाइन आवेदन, जानिए पूरा प्रोसेस appeared first on The Bharat Patrika.

]]>
आज के वक्त में बैंक खाता खोलने से लेकर आदि की जानकारी के लिए भी पैन कार्ड (Pan Card) का उपयोग किया जाता है. पैन कार्ड हर किसी नागरिक के लिए बेहद ही उपयोगी होता है. सरकार पैन कार्ड के जरिए आपकी इनकम से लेकर आय-व्‍यय से जुड़े सभी ब्‍योरों पर नजर रखती है.

अधिकतर कामों में पैन कार्ड का इस्तेमाल किया जाता है. चाहे आपका बैंक संबंधी कार्यो या फिर आपको किसी प्रकार का कोई निवेश करना हो लगभग हर काम के लिए आपको पैन कार्ड की जरूरत तो पड़ती ही है.

ये भी पढ़ें: Bihar Bpsc News: बिहारी मिट्टी का जलवा, बाल काटने वाले का बेटा बना अफसर

ऐसे में अगर आपके पास पैन कार्ड नहीं है और आपको इसको बनवाना है तो फिर आपको इसको बनवाने के लिए किसी तरह की कोई भागदौड़ करना या फिर परेशान होने की जरूरत नहीं है. आप आसानी से पैन कार्ड (Pan Card) के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते है. आज हम आपको पैन कार्ड के लिए आवेदन की प्रक्रिया बताने जा रहे है तो फि आइए जानते हैं इसके बारे में.

जानिए कैसे करें पैन कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन

इसके लिए आपको टैक्स इंफॉर्मेशन नेटवर्क ऑफ इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की अधिकारिक वेबसाइट http://www.onlineservices.nsdl.com/paam/endUserRegisterContact.html पर जाना होगा.

आपको यह पर नया पैनकार्ड बनवाना है ये लिखना होगा. आपको इस बात का ध्यान देना रखना बेहद जरूरी है कि इसकी कैटेगरी क्या है इंडिविजुअल है या ट्रस्ट का है.

आपको एनएसडीएल की वेबसाइट पर अपनी जरूरी जानकारियों को बेहद ही ध्यान से भरना होगा. इन जानकारियों में अपना नाम, सरनेम, टाइटल और डेट ऑफ बर्थ शामिल है. आपको सभी जानकारियों को बेहद ही ध्यान पूर्वक भरना है ताकि किसी प्रकार की कोई भी गलती न हो.

कैसे करे आवेदन 

आपको यह पर अपनी ईमेल आईडी भी लिखनी होगी. इसके साथ ही आपको अपना मोबाइल नंबर भी देना होगा. आपको इसके बाद एप्लीकेशन सबमिट कर देना है.अगर आप पैन कार्ड बनवाते है तो फिर आपको इसको बनवाने के लिए सरकारी फीस भी चुकानी होगी. अगर आप नॉर्मल पैन कार्ड बनवाते है तो फिर आपको इसके लिए आपको लगभग 93 रु (बिना जीएसटी) फीस के भरनी होगी. यह चार्ज विदेशी नागरिकों के लिए अलग है.

आप ऑनलाइन मोड में पेमेंट कर सकते है. आप चाहें तो फीस क्रेडिट कार्ड या फिर डेबिट कार्ड से भी पे कर सकते हैं. आप इसके बाद जरूरी दस्तावेज भी भेजने होंगे. आपक भेजे गए दस्तावेजों का वेरिफिकेशन किया जाएगा. जब आपके दस्तावेज वेरिफाई हो जाते हैं तो फिर वेरिफिकेशन के बाद आपको पैन कार्ड इश्यू किया जायेगा.

The post Pan Card: अब घर बैठे पैन कार्ड के लिए करें ऑनलाइन आवेदन, जानिए पूरा प्रोसेस appeared first on The Bharat Patrika.

]]>
https://thebharatpatrika.com/2023/11/05/2924-thtday/feed/ 0
Bihar Bpsc News: बिहारी मिट्टी का जलवा, बाल काटने वाले का बेटा बना अफसर https://thebharatpatrika.com/2023/11/05/2905-tkpyrx/ https://thebharatpatrika.com/2023/11/05/2905-tkpyrx/#respond Sun, 05 Nov 2023 05:28:34 +0000 https://thebharat.net/?p=2905 बिहार (Bihar Bpsc News) के बाल काटने वाला का लड़का बना अफसर. यदि आप का परिवार गरीब है और आप इसे कोसते रहते हैं तो औरंगाबाद के राहुल से सीखिए. उसने बीपीएससी क्रैक किया है. वो अति पिछड़ा कल्याण अधिकारी बना है राहुल के पास इंटरव्यू के लिए एक अच्छा कपड़ा तक नहीं था. उसने […]

The post Bihar Bpsc News: बिहारी मिट्टी का जलवा, बाल काटने वाले का बेटा बना अफसर appeared first on The Bharat Patrika.

]]>
बिहार (Bihar Bpsc News) के बाल काटने वाला का लड़का बना अफसर. यदि आप का परिवार गरीब है और आप इसे कोसते रहते हैं तो औरंगाबाद के राहुल से सीखिए. उसने बीपीएससी क्रैक किया है. वो अति पिछड़ा कल्याण अधिकारी बना है राहुल के पास इंटरव्यू के लिए एक अच्छा कपड़ा तक नहीं था. उसने पैसे उधार लेकर कोट-पैंट सिलवाया.

आप की हाइट छोटी है या शारीरिक दुर्बलता है. लोग उस पर तंज कसते हैं.  अगर यह सब सोचकर आप निराश हो जाते हैं, तो नवादा की श्वेता कौर से सीख लेनी चाहिए 4 फीट हाइट वाली श्वेता ने बीपीएससी 67वीं परीक्षा क्रैक की है. अब वो जिला ऑडिट ऑफिसर बन गई हैं.

ये भी पढ़ें: Bihar Teacher vacancy: बिहार शिक्षक भर्ती लिए आज से रजिस्ट्रेशन शुरू, जाने एग्जाम के पैटर्न में क्या हुवा बदलाव

बीपीएससी 67वीं टॉप करने वाले अमन आनंद से सीखिए

आप एक सफलता पर आकर रुक जाते हैं. सोचते हैं अब आराम करते हैं तो बीपीएससी 67वीं (Bihar Bpsc News) परीक्षा में टॉप करने वाले अमन आनंद से सीखिए. बीपीएससी की 66वीं परीक्षा में उनकी 52वीं रैंक थी. अफसर बने पर तैयारी करते रहे और अब 67वीं में टॉपर हैं.

शादी हो गई है अब पढ़कर क्या करेंगे

शादी हो गई है अब पढ़कर क्या करेंगे. अगर यह सोचकर बैठ जाते हैं तो शेखपुरा की ज्योति कुमारी से सीखिए. 12वीं पास होते ही 2013 में शादी हो गई थी. वह एक बच्चे की मां भी हैं.  आगे की पढ़ाई ससुराल में की. इन्होंने 67वीं बीपीएससी परीक्षा क्रैक की है. आप कई बार असफल होते हैं. कोसते हैं कि मेरा भाग्य खराब है. डिप्रेशन में चले जाते हैं, तो पूर्णिया के अनिमेष से मिलिए. कई बार असफल होने के बाद अनिमेष डिप्रेशन के शिकार हो गए थे. अब अफसर बनेंगे.

राहुल ने यह साबित कर दिया है

अगर आप सोचते हैं कि छोटा काम करने वाले का बेटा बड़ा काम नहीं कर सकता है तो यह आपकी भूल हो सकती है. औरंगाबाद के राहुल ने यह साबित कर दिया है कि सफलता गरीबी अमीरी नहीं देखती है. औरंगाबाद के सदर प्रखंड कर्मा भगवान गांव के रविंद्र ठाकुर सैलून चलाकर बच्चों को ऑफिसर बनाने का सपना देखते थे. कोरोना काल में अपना सैलून भी बंद हो गया, जिसके बाद वह खुद बेरोजगार हो गए.

अब बच्चों को ऑफिसर बनाने का सपना टूटता दिख रहा था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. दूसरे सैलून पर नौकरी कर सपने को साकार करने की कोशिश की. चौथे प्रयास में बीपीएससी 67वीं परीक्षा को क्रैक करने वाले राहुल बताते हैं कि उन्होंने काफी गरीबी में दिन काटे हैं.

सैलून से पैसा कमाकर पढ़ाया

पिता ने कभी खुद के तो कभी दूसरों के सैलून से पैसा कमाकर पढ़ाया है. कई बार असफल हुए तो गांव वालों के तानों से परिवार के साथ दिल्ली जाकर कमाने तक का प्लान किया. लेकिन बहन ने ट्यूशन पढ़ाया और राहुल को तैयारी का मौका दिया. पूरा परिवार और दोस्त हौसला बढ़ाते रहे. गरीबी में भी पिता ने पढ़ाई के लिए प्रेरित किया. पैसों की तंगी के चलते बीपीएससी की तैयारी के लिए कोचिंग जाने की भी नहीं सोच सकता था. मैंने यूट्यूब पर वीडियो देखकर बीपीएससी की तैयारी की.

इंटरव्यू में पहनकर जाने के लिए उनके पास कोट ही नहीं था

राहुल बताते हैं कि इंटरव्यू की डेट एक बड़ी चुनौती लेकर आई. इंटरव्यू में पहनकर जाने के लिए उनके पास कोट ही नहीं था, पैसा भी नहीं थे कि वह नया कोट बनवा सकें. ऐसे में उन्होंने गांव के ही मधुसूदन ठाकुर से कर्ज लिया और फिर अपने लिए कोट पैंट सिलवाया.

राहुल बताते हैं कि किसी के मां-बाप कितना भी छोटा काम क्यों न करते हों, खुद को कमजोर नहीं समझना चाहिए. हर समय ऐसा सपना देखना चाहिए और उसे पूरा करने के लिए प्रयास करना चाहिए, जिससे घर परिवार वालों का त्याग सफल हो जाए.

इस्लाम की कहानी काफी संघर्षों भरी रही

बिहार लोक सेवा आयोग (Bihar Bpsc News) की परीक्षा क्रैक करने वाले इस्लाम की कहानी काफी संघर्षों भरी रही है. पिता मोहम्मद मुर्तजा गरीबी के कारण पढ़ाई नहीं कर पाए. बच्चों की परवरिश के लिए सिलाई का काम किया. 5 बच्चों की पढ़ाई लिखाई के साथ घर चलाना बड़ी चुनौती थी.

मुर्तजा ने बच्चों की पढ़ाई कभी ब्रेक नहीं होने दी. वे बताते हैं कि जहां तक हो सका बच्चों को सिलाई का काम करके पढ़ाया. बच्चे थोड़ा बड़े हुए तो खुद पिता का दर्द समझने लगे और ट्यूशन पढ़ाकर पढ़ाई के साथ अपनी तैयारी करने लगे.. उन्होंने कहा कि मैंने खुली आंखों से सपना देखा था. इस्लाम पर पूरा भरोसा था, वह मेरा सपना पूरा करेगा.

अगर इंसान दृढ़ संकल्पित हो तो विपरीत परिस्थितियों में भी वह सफलता की सीढ़ी चढ़ता है. बिहार प्रशासनिक सेवा में 205वीं रैंक लाकर वैशाली के शिव शक्ति कुमार ने इसे साबित कर दिया है. शिव शक्ति की कहानी काफी दर्द भरी है, 3 साल की उम्र में पिता राम शंकर राय की मौत हो गई.

The post Bihar Bpsc News: बिहारी मिट्टी का जलवा, बाल काटने वाले का बेटा बना अफसर appeared first on The Bharat Patrika.

]]>
https://thebharatpatrika.com/2023/11/05/2905-tkpyrx/feed/ 0