The Bharat Patrika, Author at The Bharat Patrika https://thebharatpatrika.com/author/admin/ Read Latest News, हिंदी समाचार, Today’s News and Breaking News on along with News updates from around the world. Sun, 15 Dec 2024 05:48:53 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.7.1 https://thebharatpatrika.com/wp-content/uploads/2024/12/cropped-WhatsApp_Image_2024-12-14_at_11.01.01_PM-removebg-preview-32x32.png The Bharat Patrika, Author at The Bharat Patrika https://thebharatpatrika.com/author/admin/ 32 32 Travis Head Hundred : ट्रेविस हेड भारतीय टीम के लिए बन गए हेडेक, तीसरे टेस्ट में फिर ठोका शतक https://thebharatpatrika.com/2024/12/15/45-mwxqlc/ https://thebharatpatrika.com/2024/12/15/45-mwxqlc/#respond Sun, 15 Dec 2024 05:42:11 +0000 https://thebharatpatrika.com/?p=45 भारत के लिए कई मैचों में विलेन रहे ट्रेविस हेड (Travis Head Hundred) ने एक बार फिर टीम इंडिया के खिलाफ शतक लगा दिया है. गाबा, ब्रिसबेन के तीसरे टेस्ट के दूसरे दिन बल्लेबाजी करने उतरी कंगारू टीम ने शुरुआत में जल्दी तीन विकेट गंवा दिए. लेकिन उसके बाद उतरे ट्रेविस हेड ने सटीव स्मिथ […]

The post Travis Head Hundred : ट्रेविस हेड भारतीय टीम के लिए बन गए हेडेक, तीसरे टेस्ट में फिर ठोका शतक appeared first on The Bharat Patrika.

]]>
भारत के लिए कई मैचों में विलेन रहे ट्रेविस हेड (Travis Head Hundred) ने एक बार फिर टीम इंडिया के खिलाफ शतक लगा दिया है. गाबा, ब्रिसबेन के तीसरे टेस्ट के दूसरे दिन बल्लेबाजी करने उतरी कंगारू टीम ने शुरुआत में जल्दी तीन विकेट गंवा दिए. लेकिन उसके बाद उतरे ट्रेविस हेड ने सटीव स्मिथ के साथ ऑस्ट्रेलिया की पारी को न सिर्फ संभाला बल्कि शतक लगाकर उसका स्कोर 225 के पार पहुंचा दिया है.

ट्रेविस हेड ने लड़खड़ाई पारी को संभाला

ट्रेविस भारत के खिलाफ 2023 के विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में लॉर्ड्स में शतक (Travis Head Hundred) लगाया. उसके बाद 2023 के ही विश्वकप फाइनल मुकाबले में भी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी में चट्टान की तरह खड़े हो गए. इसी सीरीज के दूसरे मैच में भी ट्रेविस ने शतक लगाकर ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में बड़ी लीड लेने में मदद की और अब इस मैच में भी उन्होंने शानदार पारी खेली है.

पिछली 6 पारियों उन्होंने भारत के खिलाफ 511 रन बनाए हैं. इनमें दो शतक भी शामिल हैं. पिछली 6 पारियों में उनका स्कोर 90(163), 163(174), 18(27), 11(13), 89(101), 140(141 रहा है. इसके साथ ही उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में भारत के खिलाफ अपने 1000 रन पूरे कर लिए हैं. हेड का यह व्यकिगत रूप से किसी भी टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा स्कोर है.

ट्रेविस का शतक

तीसरा विकेट गिरने के बाद बैटिंग करने उतरे ट्रेविस ने तेज तर्रार पारी खेली. 75 रन पर पहला विकेट गिरने के बाद स्टीव और मार्नस ने 159 रन की साझेदारी की. ट्रेविस हेड ने इस साझेदारी में 103 रन का पारी खेली. बुमराह भारत की तरफ से 69वां ओवर लेकर आए. जसप्रीत ने यॉर्कर डालने की कोशिश की लेकिन गेंद फुल लेंथ पर चली गई.

ट्रेविस (Travis Head Hundred) ने जोरदार शॉट लगाया और तीन रन दौड़कर पूरे करते हुए रनों का आंकड़ा 100 के पार पहुंचा दिया. उन्होंने 115 गेंदों में 13 चौकों की मदद से 101 रन बनाए. तीसरे टेस्ट के तीसरे सेशन में चायकाल तक ऑस्ट्रेलिया ने 70 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 234 रन बना लिए हैं.

The post Travis Head Hundred : ट्रेविस हेड भारतीय टीम के लिए बन गए हेडेक, तीसरे टेस्ट में फिर ठोका शतक appeared first on The Bharat Patrika.

]]>
https://thebharatpatrika.com/2024/12/15/45-mwxqlc/feed/ 0
Bihar Smart Meters Protest : बिहार विधान परिषद की कार्यवाही में विपक्ष का हंगामा, स्मार्ट मीटर को लेकर प्रदर्शन जारी https://thebharatpatrika.com/2024/11/26/3534-nsiezi/ https://thebharatpatrika.com/2024/11/26/3534-nsiezi/#respond Tue, 26 Nov 2024 07:48:53 +0000 https://thebharat.net/?p=3534 बिहार में बिजली विभाग द्वारा लगाए जा रहे हैं, स्मार्ट मीटर (Bihar Smart Meters Protest) को लेकर इन राज्य की सियासत गर्म है. विपक्ष इस स्मार्ट मीटर को लेकर सरकार को घेरने में लगा हुआ है. विधान परिषद की कार्रवाई शुरू होने से पहले पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के नेतृत्व में विपक्ष दलों के विधान […]

The post Bihar Smart Meters Protest : बिहार विधान परिषद की कार्यवाही में विपक्ष का हंगामा, स्मार्ट मीटर को लेकर प्रदर्शन जारी appeared first on The Bharat Patrika.

]]>
बिहार में बिजली विभाग द्वारा लगाए जा रहे हैं, स्मार्ट मीटर (Bihar Smart Meters Protest) को लेकर इन राज्य की सियासत गर्म है. विपक्ष इस स्मार्ट मीटर को लेकर सरकार को घेरने में लगा हुआ है. विधान परिषद की कार्रवाई शुरू होने से पहले पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के नेतृत्व में विपक्ष दलों के विधान पार्षद नेताओं ने विधान परिषद पोट्रिको के बाहर प्रदर्शन किया.

स्मार्ट मीटर को लेकर विपक्षी दलों की तरफ से कहा जा रहा है यह स्मार्ट मीटर (Bihar Smart Meters Protest) राज में स्मार्ट घोटाला कर रहा है. इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए राबड़ी देवी ने कहा कि सरकार को स्मार्ट मीटर लगाना बंद करना चाहिए. इस स्मार्ट मीटर के जरिए प्राइवेट कंपनी राज्य के लोगों के साथ स्मार्ट घोटाला करने में लगी हुई है. साथ ही रोजगार को लेकर भी राबड़ी देवी ने कहा कि सरकार को बिहार के युवाओं को रोजगार देना चाहिए.

इथेनॉल भंडारण की कोई दिक्कत नहीं

परिषद में MLC नीरज कुमार ने सवाल किया कि प्रदेश में भंडारण क्षमता के अभाव में दक्षिण भारतीय राज्य में इथेनॉल भेज रहा है और अभी 15 करोड़ लीटर के आसपास इसका भंडारण हो पा रहा है. मंत्री नीरज कुमार ने कहा कि भंडारण की कोई दिक्कत नहीं है.

बिहार विधान परिषद में संजीव कुमार सिंह ने मांग रखी कि अलग-अलग प्रकार के दिव्यांगता जांच प्रमाण पत्र के लिए चिकित्सा बोर्ड जैसी सक्षम संस्थानों की संख्या लगभग 10 है. बिहार के विभिन्न हिस्सों में जांच की व्यवस्था करने की मांग की. इस पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा कि इस पर विचार किया जाएगा.


ये भी पढ़ें..

बेतिया राज की संपत्तियों को निहित करने वाला बिल

बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र (Bihar Vidhansabha Winter Session) का आज दूसरा दिन है. आज भी सदन में हंगामे के आसार हैं. वही सदन में सरकार आज दो बिल पेश करेगी.राज्य सरकार बेतिया राज की जमीन अधिग्रहण करने की तैयारी में हैं. इसको लेकर सरकार सदन में विधेयक पेश करेगी. भूमि सुधार विभाग के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल की ओर से बेतिया राज की संपत्तियों को निहित करने वाला बिल 2024 सदन के पटल पर रखेंगे.

बिल पारित होने के बाद बेतिया राज की 7960 करोड़ की जमीन बिहार सरकार के अधिकार में आ जाएगा. फिलहाल राज्य सरकार बेतिया राज की संपत्ति की देखरेख करती है. एडीएम रैंक के अधिकारी मैनेजर के तौर पर नियुक्त किए जाते हैं. जानकारी के मुताबिक, बेतिया राज की जमीन बिहार के पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी के अलावा उत्तर प्रदेश में भी हैं.

The post Bihar Smart Meters Protest : बिहार विधान परिषद की कार्यवाही में विपक्ष का हंगामा, स्मार्ट मीटर को लेकर प्रदर्शन जारी appeared first on The Bharat Patrika.

]]>
https://thebharatpatrika.com/2024/11/26/3534-nsiezi/feed/ 0
Bihar Election Results : बिहार उपचुनाव में यादव-मुस्लिम बहुल सीट तक नहीं बचा पाई RJD, सेमाइफाइनल में हार के बाद तेजस्वी की राह मुश्किल https://thebharatpatrika.com/2024/11/24/3514-naekqi/ https://thebharatpatrika.com/2024/11/24/3514-naekqi/#respond Sun, 24 Nov 2024 03:40:44 +0000 https://thebharat.net/?p=3514 बिहार की 4 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव Bihar Election Results) हुए, और यह चारों ही सीटें एनडीए के खाते में चली गई. यह महागठबंधन के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि इन 4 में से 3 सीटों पर कभी महागठबंधन का कब्जा था. जनसुराज भले ही चुनाव जीत नहीं सकी, लेकिन उसने जो वोट काटे उससे […]

The post Bihar Election Results : बिहार उपचुनाव में यादव-मुस्लिम बहुल सीट तक नहीं बचा पाई RJD, सेमाइफाइनल में हार के बाद तेजस्वी की राह मुश्किल appeared first on The Bharat Patrika.

]]>
बिहार की 4 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव Bihar Election Results) हुए, और यह चारों ही सीटें एनडीए के खाते में चली गई. यह महागठबंधन के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि इन 4 में से 3 सीटों पर कभी महागठबंधन का कब्जा था. जनसुराज भले ही चुनाव जीत नहीं सकी, लेकिन उसने जो वोट काटे उससे महागठबंधन को नुकसान और बीजेपी को फायदा हुआ है.

एनडीए के अंदर बीजेपी और जेडीयू के बीच समन्वय बनाने की जो कवायद चल रही थी, उसका पॉजिटिव असर दिखा है. वोटिंग के पहले नीतीश कुमार ने अपने आवास पर एनडीए की बैठक बुलाकर जेडीयू-बीजेपी के बीच बेहतर समन्वय का टास्क दिया था.

आइए एक नजर डालते है बिहार में हुवे उपचुनाव के चार सीटों पर
1. बेलागंज सीट

बेलागंज में जनसुराज ने मुसलमान उम्मीदवार उतारकर आरजेडी का वोट काटा. मनोरमा देवी और विश्वनाथ सिंह के बीच जीत-हार का अंतर 21391 वोटों का रहा. जनसुराज के मो. अमजद को 17268 वोट मिले. यहां AIMIM ने भी मुसलमान वोट में सेंधमारी की है. AIMIM को 3533 वोट मिले हैं.

एनडीए (NDA) गठबंधन में जेडीयू ने सिर्फ बेलागंज में बाहुबली बिंदी यादव की पत्नी और दो बार एमएलसी रहीं मनोरमा देवी को उम्मीदवार बनाया था. उन्होंने आरजेडी के गढ़ को ढहा दिया. आरजेडी के विश्वनाथ दूसरे और जनसुराज के मो. अमजद तीसरे नंबर पर रहे. यहां से आरजेडी की हार के बाद गया के गढ़ में जेडीयू की एंट्री हो गई है.

बेलागंज में यादव-मुस्लिम ज्यादा

यहाँ सबसे बड़ी आबादी यादवों और मुसलमानों की है. इसलिए यह लालू प्रसाद के MY समीकरण वाला गढ़ है. यही वजह है कि यहां से सुरेन्द्र यादव जीतते रहे. यहां यादव 19 फीसदी के लगभग हैं तो मुसलमान 17 फीसदी के आसपास. उसके बाद बड़ा वोट बैंक मुसहर समाज का है. मुसहर यहां 11 फीसदी हैं. सवर्णों में सर्वाधिक सात फीसदी भूमिहार हैं. कोयरी छह फीसदी, बनिया दो फीसदी और बाकी ओबीसी छह फीसदी, ईबीसी 6 फीसदी है. पासवानों का वोट बैंक ईबीसी के बराबर ही छह फीसदी है. चमार जाति के लोग पांच फीसदी हैं.

बेलागंज से 2020 में मिली थी नीतीश कुमार को चुनौती

बात करें विधानसभा चुनाव 2020 (Bihar Election Results) की तो बेलागंज में जेडीयू से अभय कुशवाहा दूसरे नंबर पर रहे थे. लेकिन लोकसभा चुनाव में आरजेडी ने अभय कुशवाहा को अपनी तरफ मिला लिया और औरंगाबाद से लोकसभा चुनाव का टिकट दे दिया. और अभय कुशवाहा आरजेडी के सांसद चुन लिए गए. यह नीतीश कुमार को एक चुनौती थी.


ये भी पढ़ें..


 

आपको बता दें कि बेलागंज विधानसभा (Bihar Election Results) से 1990 के बाद से आरजेडी के सुरेन्द्र यादव चुनाव जीत रहे थे, इस बार जहानाबाद से सांसद चुने जाने के बाद उन्होंने बेटे डॉ. विश्वनाथ को आरजेडी से टिकट दिलवाया. लालू प्रसाद सिर्फ इसी सीट पर चुनाव प्रचार में गए थे. यही नहीं मुसलमान वोट बैंक को एकजुट करने के लिए शहाबुद्दीन के पुत्र ओसामा को भी बेलागंज भेजा गया था. लेकिन ओसामा का कोई असर नहीं हुआ. जनसुराज के मो. अमजद ने मुसलमानों के 17268 वोट काटे.

2. बात इमामगंज सीट की

बिहार विधानसभा उपचुनाव (Bihar Election Results) की सीट इमामगंज में जनसुराज ने पासवान उम्मीदवार इसलिए दिया कि हम पार्टी और आरजेडी ने मांझी जाति का उम्मीदवार दिया था. ‘हम’ की दीपा मांझी और आरजेडी के रौशन कुमार के बीच 5945 वोटों का अंतर रहा. दूसरी तरफ जनसुराज के जितेन्द्र पासवान को 37103 वोट मिले. AIMIM को 7493 वोट मिले. इससे पता चलता है कि AIMIM और जनसुराज ने आरजेडी के वोट बैंक में सेंधमारी की है. खासतौर मुस्लिमों के वोट लिए हैं.

इमामगंज का सामाजिक समीकरण

यहां मुसहर सबसे अधिक 18.6 परसेंट, मुसलमान 15.3 फीसदी, यादव 13.2 फीसदी, कुशवाहा वोट बैंक 10.82 फीसदी हैं. अनुसूचित जाति का कुल वोट बैंक 32 फीसदी के आसपास है. ओबीसी 30 फीसदी के लगभग है. राजपूत 4.3 फीसदी, ब्राह्मण व भूमिहार की आबादी कम है. सवर्ण 6 फीसदी के लगभग हैं.

3. बात रामगढ़ सीट की

  • रामगढ़ उपचुनाव में जीत का मार्जिन काफी कम रहा. महज 1362 वोट से बीजेपी के अशोक कुमार सिंह जीते. लेकिन रामगढ़ जिस आरजेडी की सीटिंग सीट थी वह तीसरे नंबर पर चली गई और जनसुराज को 6506 वोट मिले. कुशवाहा वोट बैंक को लोकसभा चुनाव में आरजेडी ने अपनी तरफ करने की पूरी कोशिश की. महागठबंधन ने 7 कुशवाहा को टिकट दिया था. जनसुराज ने सुशील कुशवाहा को उम्मीदवार बनाकर खेल बिगाड़ा. यहां यादवों ने लालू यादव की पार्टी के बजाय बसपा के सतीश यादव को वोट किया.
  • यह आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह और सांसद सुधाकर सिंह के लिए प्रतिष्ठा की सीट थी. आरजेडी ने सुधाकर सिंह के छोटे भाई अजीत सिंह, बीजेपी ने अशोक कुमार सिंह, बीएसपी ने सतीश यादव उर्फ पिंटू यादव और जनसुराज ने सुशील कुमार कुशवाहा को उतारा था. बीजेपी के अशोक कुमार सिंह की जीत हुई. खास बात ये रही कि इस सीट पर आरजेडी नहीं बल्कि बीजेपी और बीएसपी के बीच कांटे की टक्कर हुई.
  • यूपी बॉर्डर से सटे होने के चलते इमामगंज में बसपा का ठीक-ठाक प्रभाव रहा है. इस बार आरजेडी और बसपा की लड़ाई में बीजेपी को फायदा मिल गया. जगदानंद सिंह और सुधाकर सिंह, अजीत सिंह को जीत नहीं दिलवा सके.
  • दूसरी तरफ पूर्व विधायक अंबिका यादव अपने भतीजे सतीश यादव को नहीं जिता पाए. दोनों परिवारवाद को लोगों ने नकार दिया. चुनाव से पहले अजीत सिंह आरजेडी में शामिल कराए गए थे. यहां यादवों ने लालू प्रसाद और तेजस्वी को भी नकारा है.
  • यादवों का वोट आरजेडी और बसपा के बीच बंट गया. चमार जाति यहां अकेले 22 फीसदी है. दलितों के लगभग 29 फीसदी वोट बैंक का बड़ा हिस्सा बसपा के साथ गया. तेजस्वी यादव ने रामगढ़ में 40 किमी का रोड शो किया था. इस मायने में तेजस्वी की भी हार यहां हुई.

रामगढ़ का सामाजिक समीकरण

यहां चमार जाति अकेले 22 फीसदी है. दलितों का वोट बैंक लगभग 29 फीसदी है और ये वोट बैंक जीत-हार में मायने रखता है। राजपूत 8 फीसदी, ब्राह्मण 6 फीसदी हैं. सवर्ण 17.5 फीसदी हैं। यादव वोट बैंक 12 फीसदी और मुसलमान 8 फीसदी हैं. कोयरी-कुर्मी मिलाकर 8 फीसदी हैं. ओबसी 26 फीसदी हैं.

4. बात तरारी सीट की

तरारी उपचुनाव (Bihar Election Results) में माले ने यादव समाज से आने वाले उम्मीदवार के उतारा था. यादव वोट अपनी तरफ करने की चिंता न तो बीजेपी को रही और न ही जनसुराज को. इन दोनों ने सवर्णों पर खुद को फोकस किया. बीजेपी ने भूमिहार को टिकट दिया और जनसुराज ने राजपूत को. माले की हार का बड़ा कारण यह रहा कि यादव उम्मीदवार की वजह से वैश्यों का काफी वोट टूट कर बीजेपी की तरफ चला गया.

वैश्य जाति से आने वाले बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने वैश्यों का वोट हासिल कराने में सफलता हासिल की. यहां जीत-हार का अंतर 10612 वोटों का रहा. यह बड़ा अंतर है. जनसुराज की किरण सिंह को 5622 वोट मिले. चारों सीटों में सबसे कम वोट जनसुराज को इसी सीट पर मिले.

तरारी का सामाजिक समीकरण

यादव 13.9 फीसदी, ईबीसी 12.3 फीसदी, मुसलमान और भूमिहार 10 फीसदी के आसपास हैं. राजपूत 8 फीसदी, पासवान 7 फीसदी हैं. सवर्ण वोट बैंक 24 फीसदी है. यह नक्सल प्रभावित इलाका रहा है. रणवीर सेना का संस्थापक माने जाने वाले ब्रह्मेश्वर मुखिया की हत्या मामले में सुनील पांडेय का नाम भी आया था.

NDA को जिताने में जनसुराज का बड़ा हाथ

  • चार सीटों पर हुए उपचुनाव में जनसुराज के प्रशांत किशोर का बड़ा हाथ एनडीए को जितवाने में रहा. दूसरी बात यह कि बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल की वजह से वैश्यों का बड़ा वोट एनडीए की तरफ ट्रांसफर हुआ. इंडिया ब्लॉक में प्रत्याशियों के चयन में गड़बड़ियां दिखीं. जो समीकरण साधना था उसके लिए पुराने पहलवानों पर ही दांव खेला गया.
  • तरारी में माले के राजू यादव हार का रिकॉर्ड बनाते दिखे जबकि वहां बीजेपी के पास पहलवान था ही नहीं, वहां सुनील पांडेय और उनके पुत्र को बीजेपी शामिल कराकर बेटे को टिकट दिया गया.
  • रामगढ़ में सुधाकर सिंह के भाई लड़ रहे थे प्रचार प्रसार में सुधाकर सिंह ने कहा कि 2020 में तीन सीट पर लाठी से पिटवाए थे, इस बार 300 सीट पर पिटवाएंगे. ऐसा बयान घातक रहा.
  • बेलागंज में सुरेन्द्र यादव कह रहे थे कि हम तीसरा नेत्र खोलेंगे. उनका बेटा वहां आरजेडी से लड़ रहा था. वहां ओसामा की सभा में अल्पसंख्यक को थप्पड़ लगा. उसका असर हुआ. आरजेडी बेलागंज हार गई.
  • एमवाई समीकरण का एम इस चुनाव में लालू यादव के साथ नहीं खड़ा दिखा. आगे तेजस्वी यादव को मंथन करना पड़ेगा.

आरजेडी की आगे की यात्रा कठिन होगी

राजनीतिक विश्लेषक सुनिल प्रियदर्शी कहते हैं कि ‘उपचुनाव में चारों सीटों पर एनडीए की जीत ने साबित कर दिया कि लोगों ने नीतीश कुमार और बीजेपी की सरकार के कामकाज पर अपनी मुहर लगाई है. आरजेडी के परिवारवाद को नकार दिया है. वही रामगढ़ में सुधाकर सिंह की इमेज बड़बोले नेता की हो गई हैं.

The post Bihar Election Results : बिहार उपचुनाव में यादव-मुस्लिम बहुल सीट तक नहीं बचा पाई RJD, सेमाइफाइनल में हार के बाद तेजस्वी की राह मुश्किल appeared first on The Bharat Patrika.

]]>
https://thebharatpatrika.com/2024/11/24/3514-naekqi/feed/ 0
Bihar Politics : बिहार विधानसभा चुनाव से पहले तेजस्वी और ओसमा की सीक्रेट मीटिंग, जानिए अंदर की चौंकानेवाली बात https://thebharatpatrika.com/2024/09/05/3479-kxflca/ https://thebharatpatrika.com/2024/09/05/3479-kxflca/#respond Thu, 05 Sep 2024 10:14:55 +0000 https://thebharat.net/?p=3479 बिहार के सियासत (Bihar Politics) की हवा कब किस ओर अपना रुख बदल लें यह कहना काफी मुश्किल हैं. फिलहाल पूर्व सांसद दिवंगत मोहम्मद शहाबुद्दीन के निधन के बाद से उनके परिवार की आरजेडी से दूरियां बढ़ने लगी थी. लालू यादव के बेहद करीबी रहे मो. शहाबुद्दीन आरजेडी के संस्थापक सदस्य थे. लेकिन दूरियां इस […]

The post Bihar Politics : बिहार विधानसभा चुनाव से पहले तेजस्वी और ओसमा की सीक्रेट मीटिंग, जानिए अंदर की चौंकानेवाली बात appeared first on The Bharat Patrika.

]]>
बिहार के सियासत (Bihar Politics) की हवा कब किस ओर अपना रुख बदल लें यह कहना काफी मुश्किल हैं. फिलहाल पूर्व सांसद दिवंगत मोहम्मद शहाबुद्दीन के निधन के बाद से उनके परिवार की आरजेडी से दूरियां बढ़ने लगी थी. लालू यादव के बेहद करीबी रहे मो. शहाबुद्दीन आरजेडी के संस्थापक सदस्य थे. लेकिन दूरियां इस कदर बढ़ गई कि 2024 के लोकसभा चुनाव में शहाबुद्दीन की पत्नी हेना शहाब ने निर्दलीय चुनाव लड़ा.

लेकिन एक बार फिर से दोनों परिवारों के बीच नजदीकियां बढ़ती दिख रही हैं. इसके बीच मुलाकातों का सिलसिला जारी है. पहले एमएलसी विनोद जायसवाल के आवास पर लालू यादव और तेजस्वी यादव ने हिना शहाब से मुलाकात की. इसके बाद नेता प्रतिपक्ष के सरकारी आवास 5 देशरत्न मार्ग पर शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब ने तेजस्वी यादव से मुलाकात की.


ये भी पढ़ें..

Babu Jagdev Prasad : बाबू जगदेव प्रसाद का वो भाषण, जिसको देते ही चल गई धाय धाय गोलियां

Bihar Teacher News : बिहार के 292144 शिक्षकों के लिए गुड न्यूज, शिक्षा विभाग ने खोला ‘वेतन वाला खजाना


मुलाकात बाद सियासी सरगर्मी काफी तेज हो गई है. इस सीक्रेट मीटिंग के बाद चर्चा है कि शहाबुद्दीन का परिवार एक बार फिर मजबूती के साथ आरजेडी से जुड़ेगा. इस बार ओसामा शहाब को आरजेडी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है. इसके साथ ही 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव से पहले तेजस्वी के जनसंवाद यात्रा में भी ओसामा शामिल होंगे. सूत्रों के मुताबिक ओसामा और तेजस्वी की इस सीक्रेट मीटिंग में सांसद संजय यादव और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी भी थे.

हिना की ताकत का एहसास हो गया आरजेडी को?

2024 के लोकसभा चुनाव (Bihar Politics) में काफी मान मनौव्वल के बाद भी हिना शहाब ने आरजेडी का टिकट लेने से इनकार कर दिया. उनका कहना था कि जो लोग (लालू यादव का परिवार) मुसीबत में उनके साथ नहीं रहे हैं, उनके साथ जाने का सवाल ही नहीं उठता. वे अपने दम पर निर्दलीय चुनाव लड़ी. हेना भले ही चुनाव हार गई लेकिन वे दूसरे स्थान पर रहीं. जबकि राजद के उम्मीदवार रहे पूर्व विधानसभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी तीसरे स्थान पर रहे.

एक-दूसरे की है जरुरत माई (MY) समीकरण

2025 के बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर तेजस्वी यादव अपनी रणनीति (Bihar Politics) में कोई कमी नहीं चाहते. वे भलीभांति जानते हैं कि आरजेडी की नींव माई (मुस्लिम– यादव) समीकरण पर टिकी है. पिता लालू यादव के बनाए इस समीकरण में फूट हुई तो खामियाजा भुगतना ही पड़ेगा. बिहार के मुस्लिम समाज में अभी भी शहाबुद्दीन के नाम की सहानुभूति है. उनके परिवार का आरजेडी से अलग होना RJD को नुकसान पहुंचा सकता है.

वहीं दूसरी तरफ हिना शहाब भी समझ चुकी हैं कि आरजेडी ही उनके लिए सही है. 2024 के लोकसभा चुनाव में हेना शहाब ने शहाबुद्दीन के शुरुआती दिनों के समीकरण के आधार पर चुनाव लड़ा. उन्होंने सवर्ण और मुस्लिम वोटों को जोड़ कर जीत की रणनीति बनाई. शानदार तरीके से चुनाव लड़ने के बाद भी हेना शहाब जीत नहीं सकीं. दरअसल उनके पास पार्टी का कैडर वोट नहीं होना सबसे बड़ी कमी रह गई.

लालू के परिवार से क्यों नाराज हुआ शहाबुद्दीन का कुनबा?

कोरोना काल में तिहाड़ जेल में बंद शहाबुद्दीन की तबीयत खराब हो गई थी. जहां 1 मई 2021 को उनका निधन हो गया. शहाबुद्दीन के निधन के बाद परिवार अंतिम संस्कार सिवान में करना चाहता था, लेकिन कोविड प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी गई. इसके बाद आईटीओ के पास वाले कब्रिस्तान में शहाबुद्दीन को दफनाया गया.

लेकिन इस पूरे मामले में लालू यादव के परिवार का कोई व्यक्ति सामने नहीं आया. जबकि उस समय लालू यादव और उनके बेटे दिल्ली में ही थे. हालांकि बाद में लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव सिवान पहुंचे और शहाबुद्दीन के गांव प्रतापपुर जा कर परिजनों से मुलाकात की. लेकिन शहाबुद्दीन के समर्थक लालू यादव और तेजस्वी के नहीं आने से खफा थे.

तेजस्वी ओसामा के निकाह में हुए थे शामिल

शहाबुद्दीन के निधन के करीब दो महीने बाद उनकी पत्नी हिना शहाब की तबीयत बिगड़ गई. उन्हें पटना के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था तब उन्हे देखने तेजस्वी यादव भी पहुंचे थे. इसके बाद 11 अक्टूबर 2021 को वे ओसामा शहाब के निकाह में भी शामिल हुए थे. लेकिन इन सबके बावजूद भी दोनों परिवारों की दूरियां बढ़ती चली गई थीं. अब देखना यह है कि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजद इस MY समीकरण को कितना फीट कर पाते हैं.

The post Bihar Politics : बिहार विधानसभा चुनाव से पहले तेजस्वी और ओसमा की सीक्रेट मीटिंग, जानिए अंदर की चौंकानेवाली बात appeared first on The Bharat Patrika.

]]>
https://thebharatpatrika.com/2024/09/05/3479-kxflca/feed/ 0
Babu Jagdev Prasad : बाबू जगदेव प्रसाद का वो भाषण, जिसको देते ही चल गई धाय धाय गोलियां https://thebharatpatrika.com/2024/09/04/3469-qvwvei/ https://thebharatpatrika.com/2024/09/04/3469-qvwvei/#respond Wed, 04 Sep 2024 14:56:21 +0000 https://thebharat.net/?p=3469 पटना, आज भी जब किसी वंचित तबके के लिए आवाज उठाने की बात होती है, तो अमर शहीद बाबु जगदेव प्रसाद (Babu Jagdev Prasad) का नाम पहले लिया जाता है. बाबू जगदेव (Babu Jagdev Prasad) भारत के बिहार प्रान्त में जन्मे एक क्रन्तिकारी राजनेता थे. बाद में इन्हें ‘भारत लेनिन’ के नाम से भी जाना […]

The post Babu Jagdev Prasad : बाबू जगदेव प्रसाद का वो भाषण, जिसको देते ही चल गई धाय धाय गोलियां appeared first on The Bharat Patrika.

]]>
पटना, आज भी जब किसी वंचित तबके के लिए आवाज उठाने की बात होती है, तो अमर शहीद बाबु जगदेव प्रसाद (Babu Jagdev Prasad) का नाम पहले लिया जाता है. बाबू जगदेव (Babu Jagdev Prasad) भारत के बिहार प्रान्त में जन्मे एक क्रन्तिकारी राजनेता थे. बाद में इन्हें ‘भारत लेनिन’ के नाम से भी जाना गया. ईन्होने एक बेहतर समाज को गढने में अपनी पूरी जी जान लगा दी थी.

जगदेव प्रसाद (Babu Jagdev Prasad) का जन्म 2 फरवरी 1922 को जहानाबाद के कुर्था प्रखंड कुरहारी गाँव में कोइरी समुदाय में हुआ था. इनके पिता प्रयाग नारायण पास के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक थे. और माता रासकली गृहणी थीं. अपने पिता के मार्गदर्शन में जगदेव ने मिडिल की परीक्षा पास की और हाईस्कूल के लिए जहानाबाद चले गए. 1946 में जगदेव बाबू ने मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण  की. निम्न मध्यमवर्गीय परिवार में पैदा होने के कारण जगदेव बाबू की प्रवृत्ति शुरू से ही संघर्षशील तथा जुझारू स्वाभाव की रही थी.


ये भी पढ़ें..


निम्न मध्यमवर्गीय परिवार में पैदा होने के कारण जगदेव बाबू की प्रवृत्ति शुरू से ही संघर्षशील तथा जुझारू स्वाभाव की रही थी. बिहार की सरजमी पर जाती व्यवस्था के नाम पर अगड़ी- पिछड़ी जातियों के जुल्म व अत्याचार के नाम पर भारत लेनिन जगदेव बाबू का आंदोलन काफी सराहनीय रहा.

बचपन से ही जुझारू प्रवृति के थे जगदेव बाबू

उन दिनों बिहार में पचकठिया प्रथा का प्रचलन था जिसके तहत जम्मींदार का महावत हाथी को लेकर पांच कठ्ठा फसल चराता था, एक बार क्षेत्रीय जमींदार का महावत हाथी लेकर जगदेव बाबू के खेत में धान की फसल चराने जाता है तब जगदेव बाबू अपने साथियों के साथ उसका विरोध करते है जिसके परिणाम स्वरूप महावत को वापस जाना पड़ता है.

उस व्यक्त आजादी का आंदोलन अपने चरम पर पर था. बिहार में रेल की पटरी उखाड़ने एवं सरकारी डाक बंगले को जलाने में स्वतंत्रता सेनानी पूरी मनोयोग से लगे रहते थे. जगदेव बाबू के स्वतन्त्रता आंदोलन में सहयोग के साथ ही शिक्षा ग्रहण करने की प्रबल इच्छा के बाबजूद परिवार की जिम्मेदारी होने से पढ़ने में दिक्कतें आ रही थी.

जब पढ़ाई के लिए पैसे नहीं थे

उच्च शिक्षा के लिए मां ने इनको 11 रुपया देकर पटना भेजा पढ़ने के लिए लेकिन, जगदेव बाबू (Babu Jagdev Prasad) उन पैसों से पढ़ नही सके. पटना के गांधी पार्क में बैठ कर सोच रहे थे कि तभी बी एन कालेज के माली से इनकी मुलाकात होती है और माली की सहायता से इनका नामांकन होता है. फिर भी आर्थिक संकट आड़े आ रही थी तो ट्यूसन पढ़ा कर एक चपरासी के क्वाटर के बरामदे में रह कर पढ़ाई करने लगे. बाद में चन्द्र देव प्रसाद वर्मा ने इनकी आर्थिक स्थिति को देखते हुए अपने कमरे में रखा.

जगदेव बाबू (Babu Jagdev Prasad) को कॉलेज में आते ही विभिन्न विचारकों को पढ़ने व जानने का अवसर मिला वही कई मौकों पर भाषण देने का अवसर भी मिला. इनका मन भाषण देने में लगने लगा और अपने ओजस्वी भाषण के दम पर पूरे कालेज में अपनी धाक जमाने में कामयाब रहे.

अफसर से विवाद के बाद छोड़ दी नौकरी  

1950 में स्नातक व 1952 में एम.ए अर्थशास्त्र से उत्तीर्ण हुए. उसके बाद सचिवालय में नौकरी कर ली. किंतु तीन महीने में ही अफसर से विवाद होने के बाद नौकरी छोड़ दी. उसके बाद परैया हाईस्कूल में अध्यापन का कार्य किया शिक्षक होने के साथ साथ सामाजिक गतिविधियों में भी भाग लेते रहे. इसी बीच इन्हें अवसर प्राप्त हुआ सोसलिस्ट पार्टी की पत्रिका जनता के संपादन का और यही पत्रिका के माध्यम से समाज को जागरूक करने में लग गए.

दुर्भाग्य रहा कि उसी वर्ष सोसलिस्ट पार्टी दो भागों में बट गई. जगदेव बाबू ने लोहिया का साथ दिया और इन्हें “जनता पार्टी ” से हटना पड़ा. अपनी सोच के चलते लोहिया के नेतृत्व वाली पार्टी के प्रांतीय सचिव बन गए और महंगाई और भ्रटाचार को लेकर पटना में आंदोलन किये जिसमें लाठी चार्ज में बाबू जगदेव को काफी चोट आई. 1955 में जगदेव बाबू हैदराबाद जाकर अंग्रेजी साप्ताहिक “सिटीजन” एव हिंदी साप्ताहिक “उदय” का संपादन करने लगे और पत्रिका के माध्यम से शोषितों और पिछड़ों की आवाज को उठाने लगे. इस दौरान उन्हे कई बार धमकियां मिली पर उसकी परवाह किये बिना अपने काम में लगे रहे.

चुनाव लड़े मगर पराजय हाथ लगी

1967 में सोसलिस्ट पार्टी से अलग हुई जनता पार्टी एक होकर चुनाव लड़े और जगदेव बाबू (Babu Jagdev Prasad) कुर्था विधानसभा से चुनाव जीत गए. इसके साथ ही बिहार की राजनीति में इनके दखल का दौर प्रारम्भ होता है. कांग्रेस के सहयोग से सरकार बनाने का अवसर प्राप्त होता है मगर कुछ परिस्थितियों के कारण सरकार नही बन पाती है. जगदेव बाबू मौके की ताक में लगे रहते है अंततोगत्वा इन्हें मौका मिल ही जाता हैं.

25 जनवरी 1968 को महामाया सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव में 13 मतों से सरकार गिर जाती है और इसके साथ ही 28 जनवरी को इनके नेतृत्व में सतीश प्रसाद मुख्यमंत्री बनते है. हालांकि जगदेव बाबू बिदेश्वरी प्रसाद मण्डल को मुख्यमंत्री बनाना चाहते थे लेकिन उनके पास किसी सदन की सदस्यता न होने के कारण उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया जा सका.

जगदेव बाबू जब कैबिनेट मंत्री बने

उसके बाद पहली बैठक में ही 1 फरवरी 1968 को विधान परिषद के सदस्य परमानन्द जी से इस्तीफा दिलाकर बिदेश्वरी प्रसाद मण्डल को विधान परिषद का सदस्य नियुक्त किया गया. ठीक उसके तीन दिन बाद ही सतीश प्रसाद को हटाकर वी पी मण्डल जी को मुख्यमंत्री बनाया जाता है. वही जगदेव बाबू दूसरे नंबर के मंत्री के रूप में कैबिनेट की शपथ लेते है. लेकिन फिर से 18 मार्च 1968 को यानी दो महीने बाद ही कांग्रेस के 13 विधायकों के बागी होने के कारण बी पी मण्डल की भी सरकार गिर जाती है.

लोहिया व जगदेव बाबू में वैचारिक मतभेद

33 सूत्रीय मांगों को लेकर लोहिया व जगदेव बाबू में वैचारिक मतभेद उत्तपन्न होते है. और जगदेव बाबू शोषित दल बनाते है. 22 मार्च को 1968 को भोला पासवान मुख्यमंत्री बनते है. तीन महीने बाद इनकी भी सरकार गिर जाती है. 9 फरवरी 1969 को बिहार में चुनाव हुआ और शोषित दल चुनाव लड़ता है और सिर्फ 6 सीटे ही जीत पाती है. शोषित दल, कांग्रेस, जनता पार्टी, क्रांति दल व अन्य के सहयोग से सरकार बनती है. और 26 फरवरी 1969 को सरदार हरिहर सिंह मुख्यमंत्री बनते है.

20 जून 1969 को हरिहर सिंह की सरकार भी गिर जाती है. 22 जून 1969 को भोला पासवान पुनः मुख्यमंत्री की शपथ लेते है. बिहार की राजनीति में अस्थिरता का दौर प्रारम्भ करने के साथ साथ अपने ओजस्वी नारो से बिहार की धरती पर भूचाल लाने वाले बाबू जगदेव प्रसाद (Jagdev Prasad) के नारे सूबे की राजनीति में गुजने लगते है.

जगदेव बाबु के नारे

  • पुनर्जन्म व भाग्यवाद..इनसे जन्म ब्राह्मणवाद..दस का शासन नब्बे पर…नहीं चलेगा नहीं चलेगा.
  • सौ में नब्बे शोषित है..शोषितों ने ललकारा है…धन धरती व राज पाट में…नब्बे भाग हमारा है.
  • अगले सावन भादो में…………..गोरी कलाई कादो में.
  • उची जाती की क्या पहचान.. गिट बिट बोले करे न काम… नीची जाति की क्या पहचान… करे काम पर सहे अपमान.
  • जो जमीन को जोते बोय.. वही जमीन का मालिक होय.
  • करे धोती वाला..खाय टोपी वाला.. नही चलेगा, नही चलेगा.

जगदेव बाबु का वो भाषण और चलने लगी गोलियां

वो कहते थे “जिस लड़ाई कि मैं शुरुआत कर रहा हूं वह सौ साल तक लंबी होगी, जिसमें आने वाली पहली पीढ़ी के लोग मारे जायेंगे, दूसरी पीढ़ी के लोग जेल जायेंगे और तीसरी पीढ़ी के लोग राज करेंगे, अन्तोगत्वा जीत हमारी ही होगी. इस ज्वलंत नारो के साथ हिस्सेदारी व भागेदारी की लड़ाई जगदेव बाबू लड़ते हुए, अगड़ी जातियों के लिए आतंक का पर्याय बन चुके थे. या यूं कहे अगड़ी जातियों के बीच उनका भय साफ दिख रहा था. 5 सितम्बर 1974 को सत्याग्रह आंदोलन लेकर निर्धारित योजना के अनुरूप करपी से 10 बजे कुर्था पहुचे. वहाँ पहले से मौजूद छात्र नौजवान, मजदूर, महिलाएं हाथ में काला झंडा लिए जगदेव बाबू के नारों को लगा रहे थे.

वहां उपस्थित डीएसपी ने इन्हें जाने से रोक इस पर इनकी काफी बहस हुई, परंतु जगदेव बाबू मंच पर गए और पुलिस ने लाठियां भांजनी शुरू कर दी. लोग तीतर बितर हो गए इतने में ही आर.पी.एफ (RPF) बुला ली गई. जगदेव बाबू अपने सैकड़ो समर्थकों के साथ मंच से बोल रहे थे. उसी समय एक जवान ने जगदेव बाबू को टारगेट कर गोली मारी, पहली गोली बगल से गुजर गई किंतु दूसरी गोली जगदेव बाबू के गले मे जाकर लगी और वो वही गिर गए मगर वह अभी भी जिंदा थे.

जगदेव बाबू की हत्या या साजिश

गोली लगने के बाद भी पुलिस उनको घसीटते हुए ट्रैक्टर पर लादती है और थाने लाती है, जगदेव बाबू पानी के लिए तड़पते रहते है किंतु पानी नहीं दिया जाता है. उनकी लाश को पुलिस प्रशासन गायब करने के फिराक में लग जाती है. किंतु बी पी मण्डल व भोला प्रसाद के प्रयास से उनकी लाश को पटना लाया जाता है. तब तक उनकी मृत्यु हो गई होती हैं.

6 सितम्बर को जगदेव बाबू (Babu Jagdev Prasad) के निर्जीव शरीर को बिधायक क्लब में जनता के दर्शनार्थ के लिए रखा गया और 7 सितम्बर को अंतिम संस्कार किया गया. उनकी शव यात्रा में उत्तर प्रदेश व बिहार के नामी गिरामी लोगों का तांता लगा रहा. गांधी मैदान में श्रद्धांजलि सभा होती है. और इस तरह पिछड़ों -शोषितों के मसीहा 5 सितम्बर को अपने शुभ चिंतकों को रोता बिलखता छोड़ कर चल जाते हैं.

The post Babu Jagdev Prasad : बाबू जगदेव प्रसाद का वो भाषण, जिसको देते ही चल गई धाय धाय गोलियां appeared first on The Bharat Patrika.

]]>
https://thebharatpatrika.com/2024/09/04/3469-qvwvei/feed/ 0
Bihar Teacher News : बिहार के 292144 शिक्षकों के लिए गुड न्यूज, शिक्षा विभाग ने खोला ‘वेतन वाला खजाना https://thebharatpatrika.com/2024/09/03/3460-zbsehd/ https://thebharatpatrika.com/2024/09/03/3460-zbsehd/#respond Tue, 03 Sep 2024 08:10:18 +0000 https://thebharat.net/?p=3460 बिहार में सीपीडी ट्रेनिंग पूरी करने वाले लगभग तीन लाख नियोजित शिक्षकों (Bihar Teacher News) के वेतन में बढ़ोतरी का रास्ता साफ हो गया है. शिक्षा विभाग के एसीएस एस सिद्धार्थ ने पहले इस ट्रेनिंग को पूरा नहीं करने वाले शिक्षकों के वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी थी. लेकिन अब राज्य शिक्षा शोध एवं […]

The post Bihar Teacher News : बिहार के 292144 शिक्षकों के लिए गुड न्यूज, शिक्षा विभाग ने खोला ‘वेतन वाला खजाना appeared first on The Bharat Patrika.

]]>
बिहार में सीपीडी ट्रेनिंग पूरी करने वाले लगभग तीन लाख नियोजित शिक्षकों (Bihar Teacher News) के वेतन में बढ़ोतरी का रास्ता साफ हो गया है. शिक्षा विभाग के एसीएस एस सिद्धार्थ ने पहले इस ट्रेनिंग को पूरा नहीं करने वाले शिक्षकों के वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी थी. लेकिन अब राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा ट्रेनिंग पूरी करने वाले शिक्षकों की सूची जारी करने के बाद इन शिक्षकों को वेतन वृद्धि का लाभ मिलने की उम्मीद है.


ये भी पढ़ें..

बिहार में 3.23 लाख नियोजित शिक्षक

बता दें कि प्रदेश में कुल 3.23 लाख नियोजित शिक्षक हैं, जिनमें से 2,92,144 ने सीपीडी ट्रेनिंग पूरी कर ली है. 31 हजार से अधिक शिक्षकों ने अभी तक यह ट्रेनिंग पूरी नहीं की है. शिक्षा विभाग ने पिछले साल जुलाई में शिक्षकों के व्यावसायिक विकास के लिए यह अनिवार्य प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया था.

एस सिद्धार्थ ने 11 जून को जारी किया था आदेश

शिक्षा विभाग के एसीएस एस सिद्धार्थ ने 11 जून को आदेश जारी कर कहा था कि जिन शिक्षकों ने प्रशिक्षण को पूरा नहीं किया है उनकी सालाना वेतन वृद्धि पर रोक रहेगी और वेतन बढ़ोतरी शिक्षकों के प्रशिक्षण लेने के बाद निर्धारित तिथि से दिया जाएगा. राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद ने 17 अगस्त को ट्रेनिंग पूरी करने वाले शिक्षकों की सूची जारी कर दी है. इसके बाद अब इन शिक्षकों (Bihar Teacher News) को वेतन वृद्धि का लाभ मिलने की उम्मीद है.

बीपीएससी से ढाई लाख शिक्षकों की बहाली

बिहार में बीपीएससी द्वारा आयोजित परीक्षा के दो चरणों में करीब ढाई लाख शिक्षकों की बहाली हो चुकी है. इसके साथ ही राज्य के प्रारंभिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्कूलों तक में लगभग 5.77 लाख शिक्षक पदस्थापित हैं. दो लाख से अधिक बीपीएससी शिक्षकों की नियुक्ति के बाद शिक्षक और छात्रों का अनुपात 351 हो गया है. इससे पहले यह अनुपात लगभग सौ अधिक था.

The post Bihar Teacher News : बिहार के 292144 शिक्षकों के लिए गुड न्यूज, शिक्षा विभाग ने खोला ‘वेतन वाला खजाना appeared first on The Bharat Patrika.

]]>
https://thebharatpatrika.com/2024/09/03/3460-zbsehd/feed/ 0
Alok Mehta बने बिहार के नए शिक्षा मंत्री, सरकार ने राजद के 3 मंत्रियों का विभाग बदला https://thebharatpatrika.com/2024/01/21/3397-gdrqyr/ https://thebharatpatrika.com/2024/01/21/3397-gdrqyr/#respond Sun, 21 Jan 2024 05:08:39 +0000 https://thebharat.net/?p=3397 शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक से विवाद और रामचरितमानस पर बयान देने वाले प्रो. चंद्रशेखर से शिक्षा विभाग छीन लिया गया है. उन्हें अब गन्ना उद्योग विभाग दिया गया है. वहीं, बिहार के नए शिक्षा मंत्री राजद कोटे से आने वाले आलोक मेहता (Alok Mehta) को बनाया गया है. आलोक मेहता इससे […]

The post Alok Mehta बने बिहार के नए शिक्षा मंत्री, सरकार ने राजद के 3 मंत्रियों का विभाग बदला appeared first on The Bharat Patrika.

]]>
शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक से विवाद और रामचरितमानस पर बयान देने वाले प्रो. चंद्रशेखर से शिक्षा विभाग छीन लिया गया है. उन्हें अब गन्ना उद्योग विभाग दिया गया है. वहीं, बिहार के नए शिक्षा मंत्री राजद कोटे से आने वाले आलोक मेहता (Alok Mehta) को बनाया गया है. आलोक मेहता इससे पहले भूमि सुधार और राजस्व मंत्री थे. उनकी जगह PHED मंत्री ललित कुमार यादव को यह जिम्मेदारी दी गई है.


ये भी पढ़ें..

प्रशासनिक काम में चंद्रशेखर के दखल

सूत्रों की माने तो शिक्षा विभाग के प्रशासनिक काम में चंद्रशेखर के दखल के बाद अपर मुख्य सचिव केके पाठक छुट्टी पर चले गए थे. नीतीश कुमार के हस्तक्षेप के बाद उन्हें वापस बुलाया गया और अब सरकार ने चंद्रशेखर से शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी छीनकर केके पाठक को फ्री हैंड दे दिया है. शुक्रवार को ही केके पाठक 11 दिन बाद वापस लौटें और शनिवार को सरकार ने यह बड़ा फैसला लिया.

कहा ये भी जा रहा है कि बिहार में (Bihar News) नीतीश कुमार ने कैबिनेट री-सफल करने से पहले राजद सुप्रीमो लालू यादव और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव से भी मुलाकात की थी और तीनों नेताओं के बीच बातचीत के बाद ही ये फैसला लिया गया है.

आलोक कुमार मेहता (Alok Mehta) बिहार सरकार में राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री थे और राजद के प्रधान महासचिव भी हैं. राष्ट्रीय जनता दल से वे समस्तीपुर लोकसभा क्षेत्र से 2004-2009 तक सांसद रहे हैं. विधान सभा सदस्य के रूप में महागठबंधन की सरकार में 2015 में कृषि मंत्री बने थे. उजियारपुर से चुनाव जीते थे. लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग मंत्री ललित यादव. तेजस्वी यादव के करीबी हैं. दरभंगा ग्रामीण सीट से विधायक हैं. ललित यादव 6 बार विधायक रहे हैं. इन पर राजस्व एवं भूमि सुधार का अतिरिक्त प्रभार है.

कार्रवाई में हुई देरी-चिराग

इधर शिक्षा मंत्री बदले जाने पर हाजीपुर में चिराग पासवान ने कहा कि मंत्री महोदय ने जिस तरीके से एक भारी आबादी की भावना को भड़काने का काम जिस तरीके से किया है. समाज में भेदभाव की भावना को उत्पन्न करने का काम किया है ऐसे में वैसे मंत्री पर पहले ही बड़े कठोर कार्रवाई हो जाना चाहिए था. लेकिन अब उन्हें शिक्षा मंत्री पद से हटाया गया है. जो इतनी देर में कार्रवाई होगी तो यह संदेश नहीं जा सकता है.

The post Alok Mehta बने बिहार के नए शिक्षा मंत्री, सरकार ने राजद के 3 मंत्रियों का विभाग बदला appeared first on The Bharat Patrika.

]]>
https://thebharatpatrika.com/2024/01/21/3397-gdrqyr/feed/ 0
Digital Marketing : SEO एक्सपर्ट बनकर लाखों की करे कमाई, जानें कैसे बनेगा इसमें कॅरिअर https://thebharatpatrika.com/2024/01/13/3034-fwojsj/ https://thebharatpatrika.com/2024/01/13/3034-fwojsj/#respond Sat, 13 Jan 2024 17:47:03 +0000 https://thebharat.net/?p=3034 आज ऑनलाइन बिजनेस (Digital Marketing) ने पूरे मार्केट को कवर कर लिया है, ये सच है कि कोई भी मार्केट बिजनेस मार्केटिंग के बिना सर्वाइव नहीं कर सकता. डिजिटल मार्केटिंग में एसईओ एक मेजर फैक्टर होता है. इसलिए जब किसी को अपनी वेबसाइट, फेसबूक  या यूट्यूब चैनल को टॉप रैंकिंग में लाना हो या किसी […]

The post Digital Marketing : SEO एक्सपर्ट बनकर लाखों की करे कमाई, जानें कैसे बनेगा इसमें कॅरिअर appeared first on The Bharat Patrika.

]]>
आज ऑनलाइन बिजनेस (Digital Marketing) ने पूरे मार्केट को कवर कर लिया है, ये सच है कि कोई भी मार्केट बिजनेस मार्केटिंग के बिना सर्वाइव नहीं कर सकता. डिजिटल मार्केटिंग में एसईओ एक मेजर फैक्टर होता है. इसलिए जब किसी को अपनी वेबसाइट, फेसबूक  या यूट्यूब चैनल को टॉप रैंकिंग में लाना हो या किसी डिजिटल मार्केटिंग कंपनी में एसईओ से संबंधित जॉब के लिए आवेदन करना हो तो दोनों ही स्थितियों में आपको एसईओ एक्सपर्ट बनना होगा.


ये भी पढ़े..


हां ये जरूर जान लें कि एसईओ एक्सपर्ट बनना कोई एक दो दिन का काम नहीं है. लेकिन अगर वाकई में आप एसईओ एक्सपर्ट बनना चाहते हैं, डिजिटल सेक्टर में एसईओ एक्सपर्ट की जॉब हासिल करना चाहते हैं तो आपको डिजिटल मार्केटिंग (Digital Marketing) के क्षेत्र में उतरना पड़ेगा. इसमे एडवांस डिजिटल मार्केटिंग, ऑनलाइन प्रोग्राम, मास्टर डिजिटल मार्केटिंग प्रोग्राम, डिजिटली स्किल्ड सिखने होंगे. जो आपको लाखों का पैकेज हासिल करने में मदद कर सकता हैं.

एडवांस डिजिटल मार्केटिंग ऑनलाइन प्रोग्राम SEO क्या होता है

सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन बहुत से टूल्स (Ahrefs, SEMrush, KWfinder, Google Analytics, MOZ, Web CEO, SCreaming frog ) का ऐसा कलेक्शन है जो सर्च इंजन में आपकी वेबसाइट और चैनल को हाई रैंकिंग में लाने में मदद करता है. जिससे आपकी साइट और चैनल पर ज्यादा ऑर्गेनिक ट्रैफिक आता है और कंपनियों का बिजनेस ज्यादा बढ़ जाता है.

डिजिटल मार्केटिंग का कोर्स कहा और कैसे करें

आज के इस बदलते युग में सोशल मीडिया (Youtube, Facebook, Instagram, Website) प्लेटफॉर्म पैसे कमाने का सबसे बड़ा जरीया बन चुका हैं. सैकड़ों युवा कम पढे लिखे होने के बाद भी इन जगहों से लाखों की कमाई कर खुद का बिजनेस खड़ा कर चुके हैं.

हालांकि इन प्लेटफॉर्म से पैसे कमाने के लिए भले ही आप कम पढे लिखे हो मगर इस क्षेत्र में काम आने वाले तकनीकी ज्ञान को आपकी जरूरत जरूर पड़ेगी. मगर घबराने की बात नहीं हैं The Bharat Digital Marketing institute लाया है आपके लिए बेहद ही सरल और आसान भाषा में सीखने वाला कोर्स जिसे आप सीखकर खुद के यूट्यूब और फेसबूक से घर बैठे लाखों रुपये कमा सकते हैं. इसके लिए बस आपको एक ईमेल या फोन करने होंगे (संपर्क सूत्र: 90977709561) और घर बैठे ही आपको Digital Marketing से जुड़ी सारी जानकारी मिल जाएगी.

एसईओ एक्सपर्ट या एसईओ प्रोफेशनल बनने के लिए क्या करें

डिजिटल मार्केटिंग (Digital Marketing) एसईओ एक्सपर्ट बनकर आप वेबसाइट्स को हाई रैंकिंग पर ला सकते हैं. क्योंकि एक एसईओ एक्सपर्ट को पता होता है कि वो कैसे एसईओ कर सकता है और किस तरह सर्च इंजन पर वेबसाइट को पहले नंबर पर लाने के लिए एसईओ को एप्लाई किया जाए. जबकि एक एसईओ प्रोफेशनल एक ऐसा एक्सपर्ट होता है जो एसईओ प्रक्टिस एक प्रोफेशन की तरह करता है. जैसे वह मार्केटिंग, टारगेट ग्रुप, लिंक्स, कंटेंट, रैंकिंग, परफॉर्मेंस मीजरमेंट, वेबसाइट और सर्च रिजल्ट्स आदि को समझ कर काम करता है. ये एसईओ प्रोफेशनल एसईओ कंसल्टिंग और एसईओ सर्विसेज जैसे प्रोजेक्ट पर क्लाइंट से डील करना शामिल होता है.


ये भी पढ़े..


कितनी सैलरी मिलेगी

शुरूआती जॉब में एसईओ एक्सपर्ट्स को 25 से 30 हजार रुपये महीना सैलरी मिल जाती है. वहीं एसईओ प्रोफेशनल को पहली सैलरी 15 से 25 हजार के बीच मिलती है. हालांकि 3 से 4 सालों का अनुभव हो जाने के बाद युवा 80 हजार से 1 लाख रुपये प्रतिमाह भी कमा सकते हैं. तो फिर देर किस बात की उठाइए अपना फोन और सर्च कीजिये बेस्ट डिजिटल मार्केटिंग कोर्स कराने वाले संसथान की और फटाफट पूरी कर लीजिये अपनी चाहत.

The post Digital Marketing : SEO एक्सपर्ट बनकर लाखों की करे कमाई, जानें कैसे बनेगा इसमें कॅरिअर appeared first on The Bharat Patrika.

]]>
https://thebharatpatrika.com/2024/01/13/3034-fwojsj/feed/ 0
Digital Marketing : ऑनलाइन पैसे कमाने के तरीके आप भी ढूंढ रहे हैं? तो फटाफट कर लीजिए डिजिटल मार्केटिंग का ये कोर्स https://thebharatpatrika.com/2024/01/13/3031-mvrykp/ https://thebharatpatrika.com/2024/01/13/3031-mvrykp/#respond Sat, 13 Jan 2024 17:25:39 +0000 https://thebharat.net/?p=3031 आप अपना कोई भी बिजनेस शुरू करते हैं तो उनका मुख्य उद्देश्य बिजनेस में अच्छी तरक्की (Business tips for success) करना और खूब मुनाफ़ा कमाना होता है. लेकिन कई लोग छोटी-छोटी गलतियों के कारण बिजनेस में तरक्की नहीं कर पाते हैं. आज के जमाने में डिजिटल मार्केटिंग (Digital Marketing) का बिजनेस में इस्तेमाल करके अच्छा […]

The post Digital Marketing : ऑनलाइन पैसे कमाने के तरीके आप भी ढूंढ रहे हैं? तो फटाफट कर लीजिए डिजिटल मार्केटिंग का ये कोर्स appeared first on The Bharat Patrika.

]]>
आप अपना कोई भी बिजनेस शुरू करते हैं तो उनका मुख्य उद्देश्य बिजनेस में अच्छी तरक्की (Business tips for success) करना और खूब मुनाफ़ा कमाना होता है. लेकिन कई लोग छोटी-छोटी गलतियों के कारण बिजनेस में तरक्की नहीं कर पाते हैं. आज के जमाने में डिजिटल मार्केटिंग (Digital Marketing) का बिजनेस में इस्तेमाल करके अच्छा मुनाफ़ा कमाया जा सकता है. चाहे बिजनेस किसी भी कैटेगरी का हो उसमें डिजिटल मार्केटिंग के जरिये आप घर बैठे मोटी रकम कमा सकते हैं.

डिजिटल मार्केटिंग के सबसे जरूरी कोर्स

आज के मौजूदा दौर में फेसबूक और यूट्यूब एक ऐसा जगह बन चुका हैं जहा से सैकड़ों युवा घर बैठे पैसा छाप रहे हैं. मगर ये पैसे केवल चैनल बना लेने और कंटेन्ट डाल देने से ही नहीं मिलते हैं इसके लिए इससे जुड़ी तकनिकियों के बारे में भी जानकारी रखनी पड़ती हैं. इसमे सबसे जरूरी कोर्स SEO, कंटेन्ट राइटींग, गूगल एडसेंस, फेसबूक एड्स, यूट्यूब मार्केटिंग, जैसे तकनिकियों की जरूरत पड़ती हैं. जैसे ही आप इन तकनीकों के बारे में जान जाते है, उस दिन से आपका भी बिजनेस रॉकेट की तरह आसमान छूने लगता हैं. और पैसे की बाढ़ होने लगती है.

डिजिटल मार्केटिंग का कोर्स कहा और कैसे करें

आज के इस बदलते युग में सोशल मीडिया (Youtube, Facebook, Instagram, Website) प्लेटफॉर्म पैसे कमाने का सबसे बड़ा जरीया बन चुका हैं. सैकड़ों युवा कम पढे लिखे होने के बाद भी इन जगहों से लाखों की कमाई कर खुद का बिजनेस खड़ा कर चुके हैं. हालांकि इन प्लेटफॉर्म से पैसे कमाने के लिए भले ही आप कम पढे लिखे हो मगर इस क्षेत्र में काम आने वाले तकनीकी ज्ञान को आपकी जरूरत जरूर पड़ेगी.

मगर घबराने की बात नहीं हैं. द भारत डिजिटल मार्केटिंग इंस्टिट्यूट (The Bharat Digital Marketing institute) लाया है आपके लिए बेहद ही सरल और आसान भाषा में सीखने वाला कोर्स जिसे आप सीखकर खुद के यूट्यूब, फेसबूक या वेबसाईट से घर बैठे लाखों रुपये कमा सकते हैं. इसके लिए बस आपको एक ईमेल या फोन करने होंगे और घर बैठे ही आपको डिजिटल मार्केटिंग से जुड़ी सारी जानकारी मिल जाएगी.


ये भी पढ़ें..


 

काम की बात जिसे जानना बहुत जरूरी हैं

आपको मालूम होगा कि आज ऑनलाइन बिजनेस ने पूरे मार्केट को कवर कर लिया है, ये सच है कि कोई भी मार्केट बिजनेस मार्केटिंग के बिना सर्वाइव नहीं कर सकता. डिजिटल मार्केटिंग (Digital Marketing) में एसईओ एक मेजर फैक्टर होता है. इसलिए जब किसी को अपनी वेबसाइट, फेसबूक  या यूट्यूब चैनल को टॉप रैंकिंग में लाना हो या किसी डिजिटल मार्केटिंग कंपनी में एसईओ से संबंधित जॉब के लिए आवेदन करना हो तो दोनों ही स्थितियों में आपको एसईओ एक्सपर्ट बनना होगा.

SEO एक्सपर्ट या SEO प्रोफेशनल बनने के लिए क्या करें

डिजिटल मार्केटिंग में SEO एक्सपर्ट बनकर आप वेबसाइट्स को हाई रैंकिंग पर ला सकते हैं. क्योंकि एक SEO एक्सपर्ट को पता होता है कि वो कैसे SEO कर सकता है और किस तरह सर्च इंजन पर वेबसाइट को पहले नंबर पर लाने के लिए एसईओ को एप्लाई किया जाए. जबकि एक एसईओ प्रोफेशनल एक ऐसा एक्सपर्ट होता है जो एसईओ प्रक्टिस एक प्रोफेशन की तरह करता है. जैसे वह मार्केटिंग, टारगेट ग्रुप, लिंक्स, कंटेंट, रैंकिंग, परफॉर्मेंस मीजरमेंट, वेबसाइट और सर्च रिजल्ट्स आदि को समझ कर काम करता है. ये एसईओ प्रोफेशनल एसईओ कंसल्टिंग और एसईओ सर्विसेज जैसे प्रोजेक्ट पर क्लाइंट से डील करना शामिल होता है.

कितनी सैलरी मिलेगी

शुरूआती जॉब में एसईओ एक्सपर्ट्स को 25 से 30 हजार रुपये महीना सैलरी मिल जाती है. वहीं एसईओ प्रोफेशनल को पहली सैलरी 15 से 25 हजार के बीच मिलती है. हालांकि 3 से 4 सालों का अनुभव हो जाने के बाद युवा 80 हजार से 1 लाख रुपये प्रतिमाह भी कमा सकते हैं. तो फिर देर किस बात की उठाइए अपना फोन और सर्च कीजिये बेस्ट डिजिटल मार्केटिंग कोर्स कराने वाले संसथान की और फटाफट पूरी कर लीजिये अपनी चाहत.

बाजार की स्थिति पर रखें ध्यान

आप डिजिटल मार्केटिंग का इस्तेमाल करके बाजार में क्या चल रहा है, ट्रेड क्या है इसका भी पता लगा सकते हैं. आपको मार्केट की स्थिति पर ध्यान देने के साथ ही उसका विश्लेषण भी करना चाहिए. ट्रेड में क्या चल रहा है, क्या बदलाव करना है, किस चीज की डिमांड है इन सभी चीजों पर आपको बारीकी से ध्यान देनी चाहिए.

जरूरी है ग्राहक का विश्वास जीतना

आपका मुख्य फोकस अपने ग्राहकों का विश्वास जितना होना चाहिए. उसी के अनुरूप काम करना चाहिए. इसके लिए जरूरी है आपके प्रोडक्ट को ग्राहक पसंद करे. यदि ग्राहकों को आपके प्रोडक्ट पसंद नहीं आते हैं तो आपके बिजनेस की ग्रोथ नहीं हो पाएगी.

सेल बढ़ाने के लिए ऑफर

आप अपने ग्राहकों के लिए सेल और डिस्काउंट दे सकते है. आपके ऑफर को डिजिटल मार्केटिंग के जरिये लोगों तक पहुंचाया जा सकता है. जिससे आपकी सेल बढ़ेगी और मुनाफा भी होगा.

The post Digital Marketing : ऑनलाइन पैसे कमाने के तरीके आप भी ढूंढ रहे हैं? तो फटाफट कर लीजिए डिजिटल मार्केटिंग का ये कोर्स appeared first on The Bharat Patrika.

]]>
https://thebharatpatrika.com/2024/01/13/3031-mvrykp/feed/ 0
Mahogany Tree Farming : किसान का कमाल! यूट्यूब वीडियो से सीखा और फिर बंजर जमीन में लगा दिया, पैसों वाला पेड़ https://thebharatpatrika.com/2024/01/03/3023-wvlrzk/ https://thebharatpatrika.com/2024/01/03/3023-wvlrzk/#respond Wed, 03 Jan 2024 03:37:41 +0000 https://thebharat.net/?p=3023 Mahogany Tree Farming : सच्चे मन से किसी काम को करते हैं तो सफलता जरूर मिलती है. ऐसा ही एक किसान ने भी किया. राजस्थान जहां बारिश के अभाव के कारण किसान सूखे की समस्या का सामना करते हैं वहां के टांकला गांव के किसान लिखमाराम मेघवाल बंजर जमीन पर पैसे देने वाला पेड़ लगाया. […]

The post Mahogany Tree Farming : किसान का कमाल! यूट्यूब वीडियो से सीखा और फिर बंजर जमीन में लगा दिया, पैसों वाला पेड़ appeared first on The Bharat Patrika.

]]>
Mahogany Tree Farming : सच्चे मन से किसी काम को करते हैं तो सफलता जरूर मिलती है. ऐसा ही एक किसान ने भी किया. राजस्थान जहां बारिश के अभाव के कारण किसान सूखे की समस्या का सामना करते हैं वहां के टांकला गांव के किसान लिखमाराम मेघवाल बंजर जमीन पर पैसे देने वाला पेड़ लगाया. यह है महोगनी का पेड़ जिससे कई किसान करोड़ों की कमाई कर रहे हैं.

महोगनी का पेड़ बना देगा मालामाल

लॉकडाउन के समय जब कई लोग अपने घरों में बेरोजगार बैठे थे. तब बेरोजगारी के दौरान मेघवाल ने जैविक खेती के बारे में रिसर्च शुरू की. उन्होंने जानकारियां एकत्रित करना शुरू कर दिया. जिसके बाद महोगनी का पेड़ (Mahogany Tree Farming) लगाने का तय किया. लेकिन राजस्थान की बंजर जमीन में ये आसान नहीं था.


ये भी पढ़ें..

यूट्यूब ने आसान बनाया रास्ता

मेघवाल ने सबसे पहले महोगनी की खेती का तरीका यू ट्यूब से सीखा. इसके बाद उसकी देखभाल करने जैसी बारीकियों के बारे में भी जाना. सारी रिसर्च के बाद उन्होंने अपने खेत में महोगनी ने 100 पेड़ लगाए. जिनमें से 90 पेड़ खराब होने के कारण भारी नुकसान भी उठाना पड़ा. लेकिन इसके बाद भी मेघवाल ने हार नहीं मानी

कृषि विशेषज्ञों से जानकारी हासिल की और रिसर्च के आधार पर उन्होंने बचे हुए दस पेड़ों का ही अच्छे से ध्यान रखा. अभी वे पेड़ तीन साल के हुए हैं. वैसे तो महोगनी के पेड़ को अच्छे से बड़े होने में लगभग 12 साल लग जाता है. इसके बाद भी मेघवाल ने अपने खेतों में और पेड़ लगाए जिन्हें वे बड़ा कर रहे हैं.

क्यों कहते हैं पैसों वाला पेड़

महोगनी (Mahogany Tree Farming) के पेड़ से कई महंगी वस्तुएं जैसे राइफल, फर्नीचर, नाव, डेकोरेटिव आइटम, प्लाईवुड, मूर्तियां आदि बनाई जाती है. ये लकड़ियां जल्दी खराब नहीं होती इसलिए इनकी डिमांड और दाम दोनों ही ज्यादा रहते हैं. इस पेड़ को लगाने में ज्यादा पानी और बहुत ज्यादा देखरेख की आवश्यकता नहीं होती, लेकिन इसके जरिये तगड़ी कमाई की जा सकती है. आजकल कई किसान महोगनी की खेती से करोड़ों की कमाई कर रहे हैं.

The post Mahogany Tree Farming : किसान का कमाल! यूट्यूब वीडियो से सीखा और फिर बंजर जमीन में लगा दिया, पैसों वाला पेड़ appeared first on The Bharat Patrika.

]]>
https://thebharatpatrika.com/2024/01/03/3023-wvlrzk/feed/ 0