Latiya Mahotsav: भारत के सबसे बड़े उत्सव “लटिया महोत्सव” की तैयारी में जुटा सम्राट अशोक क्लब: सात समंदर पार तक पहुँची धमक

Latiya Mahotsav

Latiya Mahotsav: पटना. राष्ट्रीय एकता, अखण्डता एवं लोगों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने हेतु राष्ट्र समर्पित संस्था “सम्राट अशोक क्लब” भारत, शाखा सिद्दार्थ नगर जमानियां गाजीपुर उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित ‘लटिया महोत्सव’ हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 2 फरवरी दिन गुरुवार को पुरे जोर शोर से मनाने की तैयारी में जुटा हुवा हैं.

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सम्राट अशोक क्लब के पदाधिकारियों ने बताया कि लटिया महोत्सव की ये 27वीं संगीति है. इस दौरान मुख्य अतिथि के रूप में डॉ निर्मला एस मौर्या (कुलपति: वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर उ.प्र.) वही इसकी अध्यक्षता के रूप में दीनानाथ मौर्य (राष्ट्रीय अध्यक्ष सम्राट अशोक क्लब) की उपस्थिति होगी.

लटिया महोत्सव

यह सम्राट अशोक महान द्वारा लटिया, जमानिया, गाजीपुर में बनवायी गयी हजारो वर्ष पुरानी “अशोक लाट” के सम्मान में मनाया जाता है. जिसमे लाखों की संख्या में दार्शनिक इतिहासविद विद्वान एवं राष्ट्रप्रेमी भाग लेते है. लटिया का यह अशोक स्तम्भ भारत के लोक कल्याणकारी इतिहास का प्रतीक है. जिसके कारण भारत यवनों की गुलामी से आजाद होकर विश्व पर भारत विश्वगुरु और विश्वविजेता कहलाया. आज अगर भारत में कोई भी विदेशी भारत भ्रमण करने आते है या कोई अनुदान देते है तो वह एक मात्र कारन  तथागत गौतम बुद्ध और सम्राट अशोक महान हैं.

अशोक काल एवं समृद्धिका स्वर्ण काल कहा गया

दुनियाँ में पहली बार सीमाओं की अवधारणा को तोड़कर भारत की वैज्ञानिकता से प्रमाणित धर्म सस्कृति के माध्यम से सम्राट अशोक महान ने लोक कल्याणकारी कार्य करके पड़ोसी राज्यों से मधुर सम्बन्ध बनाकर पहली बार ग्लोबल संस्कृति की बुनियाद रखी. और इसे अशोक काल एवं समृद्धिका स्वर्ण काल कहा गया.

सम्राट अशोक क्लब ऐसे ही गौरवशाली ऐतिहासिक संस्कृति के प्रतीक भारत के राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति आम जन मानस को जागरूक करने का कम करता है. ताकि धर्म, सम्प्रदाय से उपर उठकर लोगों में राष्ट्रीयता का भाव पैदा हो. भारत के  लोग अपने-अपने पंथिक चिन्हों, ग्रंथो को तो जानते है मगर राष्ट्रीय धर्मग्रन्थ एवं राष्ट्री प्रतिक चिन्हों  के प्रति उदासीन है. और इसका सबसे बड़ा कारन हैं कि आज भी लोग इसे सरकारी ग्रन्थ या प्रतिक समझते है.

सम्राट अशोक क्लब और “लटिया महोत्सव”

लटिया महोत्सव (Latiya Mahotsav)  के माध्यम से राष्ट्र की एकता एवं अखण्डता से जुड़े सम्राट अशोक महान एवं अन्य विचारकों के विचारों की चर्चा की जाती है. इस वर्ष सम्राट अशोक क्लब की 27वीं संगीति के अवसर पर लटिया महोत्सव के कार्यक्रम का आयोजन पर संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष दीनानाथ मौर्य ने पुरे भारत के लोग को आमंत्रित किया है.

आपको बताते चले कि यह एक ऐसा महोत्सव हैं जहा एक से बढ़कर एक विद्वानों का समागम जुटता है और पूरी दुनिया में अमन और शांति को लेकर चर्चा परिचर्चा की जाती हैं. वर्मा, रंगून, थाईलैंड, सीरीलंका, जापान, कोरिया, नेपाल, समेत अन्य कई देशो के विचारक, भाषाविद, तथा धम्म्गुरु का जमावड़ा लगने की संभावना जताई जा रही है.

ऐसे जा सकते है आप कार्यक्रम स्थल पर

जमनिया रेलवे स्टेशन से 4 कि.मी. उत्तर तथा दिलदारनगर रेलवे जंक्शन से 11 किलोमिटर पश्चिम तथा जमनिया तहसील से 2 किलोमीटर पूरब दरौली रोड पर.

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